10 Lines On Natural Disaster In Hindi Essay | प्राकृतिक आपदा पर 10 लाइनों में निबन्ध

हेलो दोस्तों आज के इस टॉपिक natural disaster में हम इससे होने वाले नुकसान, जान-माल की हानि और उसके बाद के घातक परिणामों के बारे में बात करेंगे की कैसे प्राकृतिक आपदा हमारे समाज, पर्यावरण और हमारी धरती के लिए एक श्राप है जिससे पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है लोगो को काफी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है और इससे बढ़कर उन आपदा पीड़ित लोगो को अपनों के खोने का दर्द भी रहता है जो कई सालो तक उनके दिल से नहीं निकलता है |

प्राकृतिक आपदा आज से नहीं बल्कि यह जब हमारे environmental cycle में जब कोई बदलाव हो जाते हैं जो प्राकृतिक आपदा का रूप ले लेते हैं जैसे बाढ़ का आना, सुनामी, तूफ़ान, भूकम्प, चक्रवात, सूखा, ज्वालामुखी जैसे नूमने प्राकृतिक आपदा के ही रूप हैं |

10 lines essay on natural disaster in hindi : प्राकृतिक आपदा पर 10 लाइनों में हिंदी निबन्ध

  1. प्राकृतिक आपदा का मतलब होता है की हमारे पर्यावरण में होने वाली अनचाही गतिविधि जिससे पर्यावरण, जीव-जन्तुओ, इंसानों और भौतिक ढांचों को जान-माल का नुकसान होता है|
  2. प्राकृतिक आपदा अपने कई रूप दिखाती रहती है कभी कभी यह आपदा कई समय तक रहती है तो कभी कभी थोड़े से समय के लिए अपना रूप दिखाती है |
  3. जैसे भूकम्प का आना जो ग्लोबल वार्मिंग या कहे तो जलवायु परिवर्तन या फिर पृथ्वी के अंदर की टेक्टोनिक प्लेट्स के खिसकने से भूकम्प आता है जोकि एक प्राकृतिक आपदा का ही रूप है |
  4. ज्वालामुखी का फूटना जोकि धरती के अंदर गर्म गैस और लावा जब धरती से बाहर निकल जाता है जो सामान्यतया भूकम्प वाले क्षेत्र में आते हैं |
  5. बाढ़ का आना जोकि मुख्यतः पर्यावरण के साथ छेड़खानी, जलवायु परिवर्तन या फिर प्रदूषण भी सबसे बड़ा कारक है जो बाढ़ आने का एक कारण है जो की एक प्राकृतिक आपदा का ही रूप है |
  6. सुनामी, तूफ़ान और चक्रवात जैसे घटनाएं भी प्राकृतिक आपदा का ही रूप है जिसमे यह समुद्री इलाको में ज्यादा तबाही लाता है |
  7. यह प्राकृतिक आपदा जब आती है तो सब कुछ बर्बाद कर जाती है चाहे बरसात के महीने में आने वाली बाढ़ हो, समुद्री तूफ़ान हो, भूकम्प हो या फिर सूखे की समस्या हो |
  8. प्राकृतिक आपदा आने का सबसे बड़ा उदहारण हमारा देश ही है जहाँ हमे भूकम्प, सुनामी, बाढ़, सूखा, तूफ़ान और चक्रवात सब कुछ देखने को मिल जाते हैं और इसका मुख्य कारण है जैव विविधता जो की हमारे देश में पायी जाती है चाहे पर्यावरण से लेकर हो या फिर मनुष्यों या फिर जीव-जन्तुओ से लेकर हो|
  9. प्राकृतिक आपदा कभी भी आने से पहले सन्देश नहीं देती है जिससे की हम लोग इसके आने से पहले इससे बचने की तैयारी कर सके |
  10. हमे कभी भी प्रकृति के साथ खिलवाड़ नहीं करना है क्योकि ज्यादातर आपदाओं में हम मनुष्यों का ही हाथ होता है इसीलिए जितना हो सके पर्यावरण को बचाने की कोशिश करे |
10 Lines On Natural Disaster In Hindi
Image by 政徳 吉田 from Pixabay

प्राकृतिक आपदा के आने के कारण :

  • सबसे बड़े कारणों में से एक है ग्लोबल वार्मिंग या फिर कहे तो जलवायु परिवर्तन जिसने पूरे जीवन चक्र को बदल दिया है |
  • प्रदूषण जैसे जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण जैसे कारक भी प्राकृतिक आपदा के लिए जिम्मेदार है |
  • पर्यावरण के साथ छेड़खानी जैसे डैम बनाना, पेड़ो को काटना, बड़ी-बड़ी फैक्ट्री लगाना जो वातावरण को दूषित करती है |
  • वैसे कभी कभी कुछ ऐसे कारण भी होते हैं जो प्राकृतिक होते हैं और उनपर इंसानों का कोई नियंत्रण नहीं होता है |
  • बढती तकनिकी के साथ किये जाने वाले प्रयोग जो पूरे पृथ्वी के लिए घातक सिद्ध होते हैं|

प्राकृतिक आपदा से बचने के उपाय :

  • जितना हो सके पर्यावरण से अनुकूल चलने की कोशिश करे कोई भी कम पर्यावरण के अनुकूल ना करें |
  • जितना हो सके आपदाओं वाले इलाके से दूर रहे और ऐसी सुरक्षित जगह अपनाए जहाँ आपदा आने के कोई सम्भावना ना हो |
  • हमेशा समय के अनुसार तैयार रहे की जब भी ऐसी परिस्थिति आये तो आप हमेशा तत्पर हो |
  • हमेशा मिलजुलकर एक दुसरे की मदद करे जिससे ऐसी आपदाओं से निपटा जा सके |
  • आपदा कभी भी निमन्त्रण नहीं देती है इसीलिए ऐसी परिस्थिति झेलने की आपके अंदर क्षमता होनी चाहिए |
  • जहाँ भी ज्यादा आपदा आती हो या फिर जिसने भी ऐसी आपदा झेली हो उनसे हमे काफी कुछ सीखना चाहिए की कैसे हम प्राकृतिक आपदा से बच सकते है या फिर उस समय कैसे जीवन व्यतीत कर सकते हैं |

Final Word :

हमने अपने आस-पास कही बार खबरे सुनी होती है जिसमे लोग अपना सब कुछ खो देते हैं हमे उनके दर्द को समझना चाहिए और सीख लेनी चाहिए |

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प्रकृति के साथ खिलवाड़ करने का अंजाम हमेशा बुरा होता है कुछ चीजे हालाँकि हमारे बस में नहीं होती हैं |

अगर आपने कभी आपदा से सम्बन्धित घटना सुनी हो तो हमे कमेंट में बता सकते हैं |

FAQs..

प्राकृतिक आपदा आने में इंसानों की क्या भूमिका है?

आधे से ज्यादा कारणों में ही इंसानों की ही भूमिका होती है अब वो चाहे जल प्रदूषण हो, वायु प्रदूषण हो या फिर ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्या हो सभी प्राकृतिक आपदा का रूप लेने में देर नहीं करती है|

प्राकृतिक आपदा और मानव निर्मित कृत्रिम आपदा में क्या अंतर है?

वैसे जो भी आपदाए आती हैं उन्हें हम प्राकृतिक आपदा ही कहते हैं लेकिन कुछ आपदाए इंसानों के कारण आ सकती हैं जैसे बाँध की वजह से बाढ़ आ सकती है ग्लोबल वार्मिंग की और प्रदूषण की वजह से सूखा, ग्लेशियर का पिघलना जैसे आपदा आ सकती है|

Vikram mehra

मेरा नाम विक्रम मेहरा है मै उत्तराखंड का रहने वाला हु मैंने B.sc (PCM) से की हुई है और मुझे टेक्नोलॉजी, साइंस और लोगो को अपने ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा देना बहुत पसंद है मेरा मकसद ऑनलाइन माध्यम से लोगो तक इनफार्मेशन पहुचाना है और साथ ही मुझे मूवीज देखना, घूमना बहुत पसंद है |

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