Atlas Of The Heart Book Summary In Hindi By Brene Brown

दोस्तों हमारे लाइफ में कई तरह के उतार-चढाव आते रहते हैं जहाँ हमे काफी कुछ देखने और सुनने को मिलता है हमे तरह-तरह के इमोशन महसूस करने पढ़ते हैं कुछ पॉजिटिव तो कुछ नेगेटिव होते हैं इन इमोशन को कैसे हम हैंडल करते हैं ये हमारी इमोशनल इंटेलिजेंस पर निर्भर करती हैं |

जैसे अगर आपको गुस्सा आता है तो आप आपे से बाहर हो जाते हो या फिर शांति से हालात को संभालते हो? इसीलिए अगर हमारे अंदर पहले से ही ये एबिलिटी होगी की कैसे हम अपने इमोशन से डील कर पाते हैं जिससे हमारी मानसिक स्थिरता बनी रहेगी और हम भविष्य में एक समझदार व्यक्ति के रूप में बने रहेंगे |

अगर हम अपने ही इमोशन को समझेंगे नहीं और ना ही उनसे डील कर पाएँगे तो इससे हमारे अंदर स्ट्रेस, frustration, गुस्सा और negativity बनी रहती हैं और इससे हमारा मेंटल हेल्थ भी प्रभावित रहता है |

[Atlas Of The Heart book summary in hindi | Atlas Of The Heart audiobook summary in hindi | Atlas Of The Heart book review in hindi| Atlas Of The Heart audiobook in hindi]

Atlas Of The Heart Book Summary In Hindi | Atlas Of The Heart Audiobook Summary

Chapter – 1 : Stop Comparing Yourself (Atlas Of The Heart book in hindi)

हम लोगो के साथ बचपन से ही दूसरो से compare किया जाता है जैसे हमारे पेरेंट्स बोलते थे की पडोसी के बच्चे के ज्यादा मार्क्स आये हैं तुम्हारे क्यों नहीं आये हैं? इसी तरह से स्कूल में भी टीचर्स यही comparison करते हैं |

इन्ही हालातो के चलते हम हमेशा comparison ही करते रहते हैं और आगे जाकर भविष्य में भी अपनी सफलता और असफलता में भी दूसरो से compare करते रहते हैं हम दूसरो की गाड़ी, बंगला, पैसो से अपनी तुलना करते रहते हैं हम खुद के लिए ऐसे goal set कर लेते हैं जो शायद हमारे टेम्परामेंट का ना हो |

जब हम अपने goal को अचीव नहीं कर पाते हैं तो हमारे अंदर ईर्ष्या, तनाव और गुस्से के इमोशन आ जाते हैं |

अगर हमारे किसी ऑफिस के दोस्त को प्रमोशन मिल जाता है तो हम सोचते हैं की हमे क्यों नहीं मिला होगा हो सकता है की आपके इस दोस्त के पास आपसे ज्यादा एबिलिटी हो |

इसीलिए कभी भी हमे खुद को दूसरो से compare नहीं करना चाहिए बल्कि ये सोचना चाहिए की जितना टैलेंट हमारे पास है उसके हिसाब से हमारे पास सबकुछ है |

इसके बदले आप अपने स्किल, strength और टैलेंट पर काम कर सकते हैं क्या पता आपके अंदर पेशेंस बहुत हो और आप अपने strenght पर काम कर सकते हैं दूसरो की प्रॉब्लम का हल कर सकते हो |

Also Read : Brain Rules Book Summary In Hindi

Chapter – 2 : Vulnerability (Atlas Of The Heart Summary In Hindi)

दोस्तों vulnerability का मतलब होता है कमजोर होना, कई बार हम कमजोर दिखने और सुनने में डरते हैं की लोग क्या सोचेंगे |

लेकिन vulnerability हमारे लिए अच्छी भी हो सकती है हमारे अंदर इतनी हिम्मत होनी चाहिए की हम अपनी कमजोरी को स्वीकार कर सके क्योकि हर आदमी महान नहीं होता है

Einstein एक अच्छे साइंटिस्ट थे लेकिन इसका मतलब ये नहीं की वे हर चीज में एक्सपर्ट थे इसीलिए आपको अपनी strenght के साथ-साथ अपनी vulnerability को भी स्वीकार करना चाहिए | अगर कमजोरी दूर ना हो तो उसे अपना लेना चाहिए |

आपको अपने करीबी दोस्तों से इस बारे में बात करनी चाहिए बहुत सारे लोग अपनी कमजोरी को दूसरो से discuss नहीं करना चाहते हैं उन्हें लगता है की वे इससे कमजोर नजर आयेंगे अपने अंदर इस कमजोरी को दबाने से वे स्ट्रेस में भी आ सकते हैं कई लोग तो बुरी आदतों के शिकार भी हो जाते हैं |

आपको अपने लाइफ में एक ऐसा दोस्त या मेंटर रखना चाहिए जिसके साथ आप अपनी हर बुरी, अच्छी, ताकत और कमजोरी सबकुछ discuss कर सकते हैं |

जब आपको ये एहसास होगा की सिर्फ मै ही कमजोर नहीं हु इस दुनिया में, और भी कई लोग हैं जिन्होंने दुःख झेला है आपके लिए उनके प्रति सुहानुभूति होगी तो उनके दिल में भी आपके प्रति सुहानुभूति होगी |

Also Read : Activate Your Brain Book Summary In Hindi

Chapter – 3 : Understand Emotions Properly (Atlas Of The Heart Audiobook In Hindi)

कई बार इमोशन का हर situation में अलग-अलग भूमिका होती है जैसे humility और pride

अगर आप सफलता हासिल करते हैं तो आपको humble रहना चाहिए ना की आपके अंदर धमंड होना चाहिए क्योकि इससे लोग आपको घमंडी और मतलबी समझते हैं वे आपको कभी भी पसंद नहीं करते हैं वे सिर्फ आपके सामने आपकी तारीफ करते हैं लेकिन पीठ पीछे आपकी बुराई करने लगते हैं जिससे आपको कभी भी संतुष्टि नहीं मिलेगी |

लेकिन अगर आप कही एक लीडर का रोल निभाते हैं तो आपको तब pride का इस्तेमाल करना चाहिए क्योकि जब आपके टीम को अपना लक्ष्य हासिल करना होगा तो उन्हें आपके हौसले ही जरूरत होगी जिससे आपके टीम का मनोबल बढेगा और वे पूरे जोश के साथ काम करेंगे |

इसीलिए आपको अपने इमोशन को समझना चाहिए की कहाँ किसकी जरूरत है आपको ये समझना होगा की कहाँ मुझे aggresive होने की जरूरत है तो कहाँ मुझे शांति रखने की जरूरत है |

Final Word :

तो दोस्तों atlas of the heart book summary के माध्यम से आपको ये जानने को मिला होगा की कैसे आप अपने इमोशन का सही इस्तेमाल कर सकते हैं और कहाँ हमे कौन-सा इमोशन इस्तेमाल करना है ये भी ध्यान में रखना चाहिए |

अपने इमोशन पर काबू पा लिया तो दुनिया की किसी भी परिस्थिति को झेल सकते हैं | अगर आपको ये summary अच्छी लगी तो आप इस किताब को पूरी पढ़ सकते हैं |

Vikram mehra

मेरा नाम विक्रम मेहरा है मै उत्तराखंड का रहने वाला हु मैंने B.sc (PCM) से की हुई है और मुझे टेक्नोलॉजी, साइंस और लोगो को अपने ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा देना बहुत पसंद है मेरा मकसद ऑनलाइन माध्यम से लोगो तक इनफार्मेशन पहुचाना है और साथ ही मुझे मूवीज देखना, घूमना बहुत पसंद है |

Leave a Reply