Essay on beti bachao beti padhao in hindi | बेटी बचाओ बेटी पढाओ पर निबन्ध.

आज के इस टॉपिक beti bachao beti padhao in hindi में हम एक ऐसे गम्भीर मुद्दे पर बात करेंगे जो की हमारे देश में कई सालो से चल रहा है और ज्सिके लिए हमारी सरकार भरपूर प्रयास कर रही है |

10 Lines Essay on beti bachao beti padhao in hindi : बेटी बचाओ बेटी पढाओ पर निबन्ध

  1. बेटियों की बिगड़ते हालत को देखते हुए भारत के प्रधानमंत्री ने 22 जनवरी 2015 को बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान की शुरुआत की इस योजना का मकसद भारतीय समाज में लडकियों और महिलाओं के लिए कल्याणकारी कार्यो को बढ़ाने के साथ साथ लोगो के बीच जागरूकता लाना है और लडकियों की शिक्षा पर जोर देने के विचार से भी कई कदम उठाये गये हैं |
  2. बेटियों के प्रति लोगो की विचारदार में सकारत्मक बदलाव लाने के साथ ही ये योजना भारतीय समाज में लडकियों में महत्व पर जोर देती है ये योजना कन्या भ्रूण हत्या को जड़ से मिटाने के लिए लोगो से आह्वन भी है |
  3. बालिकाओ का विवाह 18 वर्ष की उम्र पूर्ण होने से पहले करना एक अपराध है ऐसा करने पर 6 माह की कैद या जुर्माना भी किया जा सकता है
  4. यदि हमे अपने देश की बेटियों को सशक्त करना है तो इन अपराधो जैसे बाल-विवाह, यौन उत्पीड़न, बाल श्रम आदि पर अंकुश लगाना होगा |
  5. आज सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया है |
  6. इस योजना के अंतर्गत बेटी के 14 वर्ष होने तक माता पिता को धन राशि जमा करनी होगी बेटी के 18 वर्ष की आयु होने के उपरान्त 50% धनराशि निकाली जा सकती है और बेटी के 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने के उपरान्त बेटी की शादी के लिए पूर्ण धनराशी निकाली जा सकती है|
  7. प्रदेश सरकार मिशन शक्ति कार्यक्रम आयोजित कर बेटियों को संरक्षण प्रदान कर रही है बाल विवाह पर भी नियंतरण करने के लिए भी प्रयास किये जा रहे हैं |
  8. बच्चे भगवान् के ही रूप होते है इन्हें बचपन से मजदूरी या कार्य में लगाने से देश की प्रगति पर भी प्रभाव पड़ता है बाल तस्करी भी बाल मजदूरी से ही जुड़ा होता है |
  9. हम ये आशा करते है की आने वाले दिनों में सामाजिक-आर्थिक कारणों की वजह से किसी भी लड़की को गर्भ में नही मारा जायेगा, कोई भी अशिक्षित नही रहेगी, और ना हो कोई असुरक्षित रहेगी, अंत पूरे देश में लैंगिक भेदभाव को मिटाने के द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना का लक्ष्य लडकियों को आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह से स्वतंत्र बनाने का है |
  10. यदि हम अपने देश को सामाजिक प्रगति की ओर अग्रसर करना चाहते है तो हमे अपने देश की बेटियों को बचाकर शिक्षित करना होगा और अपने देश के एजुकेशन सिस्टम में भी सुधार करना होगा |

“उतारो मुझे जिस क्षेत्र में,

सर्वश्रेष्ठ कर दिखाऊंगा |

बेटो से मै कुछ कम नही,

साबित कर के दिखलाऊंगी,

चाह नही है एक अलग नाम की,

मै इसी की पहचान बनाउंगी”

essay on beti bachao beti padhao in hindi
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बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान का महत्व :

इस अभियान की शुरुआत करते समय प्रधानमन्त्री ने कहा की भारतीय लोगो की ये सामान्य धारणा है की लडकिया अपने माता पिता के बजाय पराया धन होती है |

अभिवावक सोचते हैं की लड़के तो उनके अपने होते हैं जो बुदापे में उनकी देखभाल करेंगे जबकि लडकिया तो दुसरे घर जाकर अपने ससुराल वालो की सेवा करती है |

लडकियों को कम महता देने से धरती पर मानव समाज खतरे में पड़ सकता है क्योकि अगर महिलाए नही तो जन्म नही

अब लगातार गिरते लिंगानुपात के मुद्दे को देखते हुए इस योजना को लागू किया गया बेटियों को शिक्षा प्रदान करने के साथ साथ, बेटियों की सुरक्षा को सुनिश्चित कर कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए इस योजना की शुरुआत की गयी है ये योजना महिलाओं और बेटियों के खिलाफ होने वाले अत्याचार, असुरक्षा,लैंगिक भेदभाव आदि को रोकने और लोगो की सोच में बदलाव लाने में कारगर साबित हुई |

बेटियों और महिलाओं के प्रति समाज की सोच :

लडकियों की स्तिथि अंतिम दशक में बहुत ख़राब हो चुकी थी क्योकि कन्या भ्रूण हत्या बड़े पैमाने पर अपना पैर पसार रही थी उच्च तकनिकी के द्वारा लिंग का पता लगाकर जन्म से पहले ही लडकियों को इनके माँ के गर्भ में ही मार दिया जाता था लडकियों की संख्या को कम करने के लिए ये प्रथा प्रचलन में थी |

योजना की शुरुआत करने के लिए सबसे बेहतर जगह के रूप में हरियाणा को चुना गया था क्योकि देश में लडकियों के लिंगानुपात हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिला में सबसे ख़राब थी लडकियों के बारे में 21 वी सदी में लोगो को ऐसी मानसिकता वाकई शर्मनाक है और जन्म से पहले लडकियों को पूरे अधिकार देने के लिए लोगो को दिमाग से इसे जड़ से मिटाने की जरूरत है |

ये बेहद प्रभावकारी योजना है जिसके तहत लिंगानुपात में सुधार, सुरक्षा, शिक्षा, कन्या भ्रूण हत्या का उन्मूलन, व्यक्तिगत विकास आदि का पूरे देश भर में हुआ है इसे सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशो में लागू करने के लिए एक राष्ट्रीय अभियान के द्वारा देश के 100 चुनिंदा शहरो में इस योजना को लागू किया गया |

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मेरी राय :

मै तो सिर्फ यही कहूँगा की बेटियाँ लक्ष्मी का रूप होती हैं और वैसे भी अब समाज बदल रहा गई अब लोगो की सोच बदल गयी है और देश इस मामले में आगे बढ़ रहा है लेकिन अभी भी हमे ऐसी खबरे सुनने को मिलती है की “एक महिला ने अपने नवजात बेटी हो पैदा होते ही हॉस्पिटल में छोड़ दिया” और ये खबर आप महीने में 3 से 4 बार सुनते होंगे |

ऐसे समाज को अभी भी बदलने की जरूरत है और ऐसे लोगो को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए जो ऐसे भयानक अपराध करते है |

अगर आपको beti bachao beti padhao in hindi का ये टॉपिक अच्छा लगा तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर बता सकते हैं |

FAQs

बेटी बचाओ बेटी पढाओ का अभियान कब और कहाँ से शुरू हुआ?

बेटी बचाओ बेटी पढाई का अभियान 22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत से शुरू हुआ था |

बेटी बचाओ बेटी पढाओ का क्या उद्देश्य है?

इसका उद्देश्य समाज में अभी भी पिछड़े वर्ग में जो लडकियों को पढ़ाने से वंचित हैं और उन्हें इसके मायने पता नहीं हैं ऐसे लोगो को जागरूक करना ही इस अभियान का उद्देश्य है जिससे समाज में बेटियों के लिए शिक्षा और बेहतर भविष्य का रास्ता बन सके |

बेटी बचाओ बेटी पढाओ का अभियान कितना सफल रहा है?

अगर देखा जाए तो काफी सफल रहा है और सरकार ने पिछले कुछ सालो से इस तरफ काफो जोर दिया है जो गरीब और पिछड़ा वर्ग इस अभियान का लाभ नहीं ले सकता है सरकार की कोशिश रही है की उन्हें पूरी सुविधा मिल सके |
काफी ग्रामीण और सुदूरवर्ती इलाको में अब बेटिया स्कूल जा रही हैं |

Vikram mehra

मेरा नाम विक्रम मेहरा है मै उत्तराखंड का रहने वाला हु मैंने B.sc (PCM) से की हुई है और मुझे टेक्नोलॉजी, साइंस और लोगो को अपने ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा देना बहुत पसंद है मेरा मकसद ऑनलाइन माध्यम से लोगो तक इनफार्मेशन पहुचाना है और साथ ही मुझे मूवीज देखना, घूमना बहुत पसंद है |

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