You are currently viewing Essay on lockdown in hindi | लॉकडाउन पर हिंदी निबन्ध.

Essay on lockdown in hindi | लॉकडाउन पर हिंदी निबन्ध.

दोस्तों आज के इस टॉपिक में हम विश्व भर में जूझ रहे इस लॉकडाउन की समस्या से लोगो के जीवन यापन, देश दुनिया की अर्थव्यवस्था पर कितना बुरा प्रभाव पड़ा है यही समस्या अभी तक बनी हुई है |

आज के इस निबन्ध में हम लॉकडाउन के लाभ, इससे होने वाली हानि और इससे उभरने में मदद के बारे में बात करेंगे

10 Lines Essay on lockdown in hindi : लॉकडाउन पर निबंध

  1. लॉकडाउन एक इस तरह की प्रक्रिया है जिसमे किसी देश, शहर और कस्बे के लोग अपने घरो से बाहर नहीं जा सकते है उन्हें तब तक अन्दर रहना पड़ता है जब तक उन्हें अनुमति न मिल जाये इस प्रक्रिया को लॉकडाउन कहा जाता है |
  2. हमारे देश में ये लॉकडाउन मार्च 2020 में देखने को मिली और इसके साथ साथ पूरे दुनिया में भी देखने को मिली जिसका सबसे बड़ा नुकसान पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर हुआ |
  3. हमारे देश में लॉकडाउन की शुरुआत तब हुई जब हमारे देश में कोरोना के केस आने लगे जिसके चलते हमारे प्रधानमंत्री ने 24 मार्च 2020 को पहली 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी जिसके बाद ये लॉकडाउन उस साल धीरे धीरे मई के महीने तक बढता गया |
  4. जब 2020 के शुरूआती महीने में कोरोना वायरस का प्रकोप पूरे दुनिया में फैला तो मार्च 2020 से हमारे देश में 21 दिन का पहला लॉकडाउन लगाया गया किसी और इस बात की उम्मीद नहीं थी की ये लॉकडाउन और बढाया जायेगा |
  5. लॉकडाउन करने का सिर्फ एक ही उद्देश्य था की लोग एक दुसरे के सम्पर्क में ना आये और ये वायरस ना फैले |
  6. भारत में लॉकडाउन सबसे पहले महाराष्ट्र और राजस्थान में किया गया फिर उसके बाद पंजाब, दिल्ली, कर्नाटक और बाकी राज्यों ने भी लॉकडाउन की घोषणा की |
  7. लॉकडाउन में लोगो को सिर्फ जरुरी सामान के लिए ही घर से बाहर निकलने की अनुमति थी बेवजह बाहर नहीं आने दिया जा रहा था |
  8. देश में चल रहे सभी कामकाजो को रोक दिया गया चाहे स्कूल, कॉलेज, दुकाने, गाड़ियां, कंपनी, दफ्तर, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, एयर पोर्ट, फैक्ट्री के सारे काम बंद कर दिए गये
  9. जब 21 दिन का लॉकडाउन पूरा होने वाला था तो फिर 14 दिन का लॉकडाउन और बढ़ा दिया गया और ऐसे करके ये लॉकडाउन मई तक चला गया |
  10. जून, जुलाई के बाद कोरोना का असर कम होने लगा और इसके केस भी कम आने लगे थे लोगो को लगा की ठण्ड में ये वायरस खत्म हो जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ |

2021 के मार्च के महीने से ही देश में फिर से कोरोना ने विकराल रूप ले लिया और मजबूरन फिर से कई राज्यों में फिर से लॉकडाउन करना पड़ा |

लॉकडाउन करने का मुख्य उद्देश्य :

लॉकडाउन करने का मुख्य उद्देश्य इस वायरस को पूरे देश में फैलने से रोकने के लिए था जो की कुछ खासतौर पर सफल नही रहा लेकिन फिर भी लॉकडाउन करना जरुरी था इसके अलावा कोई दूसरा उपाय नहीं था |

क्योकि जब ये वायरस धीरे धीरे फ़ैल रहा था तो किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था की ये कितना घातक हो सकता है और ना ही इसके नुकसान का ज्यादा पता नहीं था इस बात का पता तो धीरे धीरे लगा जब इसका असर पूरे देश में लोगो की जान लेने लगा |

ये वायरस मुख्य रूप से एक दुसरे के सम्पर्क में आने से फ़ैल रहा था और इतनी बड़ी आबादी को रोक पाना मुश्किल था लोगो को ये बात समझाना मुश्किल था की ये वायरस कितना घातक है और हमे एक दुसरे से दूरी बना के रखनी है |

पूरे देश में लॉकडाउन करने के अलावा कोई दूसरा उपाय नहीं हो सकता था क्योकि इस वायरस से कैसे निपटा जाए ये किसी को नहीं पता और ना ही इस वायरस का किसी के पास कोई इलाज था जिसके चलते पूरे देश को लॉकडाउन से गुजरना पड़ा |

लॉकडाउन से होने वाली हानि :

लॉकडाउन का सबसे बड़ा असर किसी देश की इकॉनमी पर ही होता है क्योकि अगर पूरा देश बंद हो जायेगा और सारे काम काज रुक जाएँगे तो देश भी रुक जाएगा जिससे देश का विकास भी रुक जाता है |

लॉकडाउन से देश के जीडीपी पर भी असर होता है ऐसे में हम दुसरे देशो की तुलना में काफी पीछे हो जाते हैं और हमे उभरने में कई साल लग जाते हैं देश गरीबी के कगार पर पहुच जाता है लोग बेरोजगार हो जाते है, लोग आर्थिक तंगी से गुजरने लगते है, देश में भुखमरी फैलने लगती है |

कोई भी नहीं चाहता है की लॉकडाउन जैसी परिस्तिथि देखने को मिले लेकिन हमने अपने देश में देखी है और अभी तक इसके नुकसान को झेल रहे हैं |

लॉकडाउन में लोग अपने जरुरी काम काज नहीं कर सकता है अगर कोई बीमार हो गया तो उसे हॉस्पिटल जाने में अपना इलाज करने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है |

छोटे मोटे दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोग ही इस लॉकडाउन में प्रभावित हुए है क्योकि उन्हें रोज अपना और अपने परिवार का पेट भरने के लिए रोजाना कमाना पड़ता था अगर वो घर में बैठ गये तो भूख से मर जाएँगे |

लॉकडाउन में जिन लोगो ने अपनी नौकरी खोयी उन लोगो के लिए जीना मुश्किल हो गया और ऐसे में घर बैठे बैठे डिप्रेशन के शिकार भी हो गये |

लॉकडाउन से होने वाले लाभ :

वैसे तो कोई नहीं चाहेगा की लॉकडाउन जैसी स्तिथि में जान पड़े और हमे अपने घरो में ही रहना पड़े लेकिन लॉकडाउनk बही कुछ ऐसे फायदे हुए जिसका लोगो को ज्यादा पता नहीं

जो लोग अपने लाइफ में अपने फॅमिली और खुद के लिए समय नहीं निकाल पाते थे उन्होंने लॉकडाउन में खूब समय बिताया |

हालांकि स्कूल और कॉलेज के बच्चो के लिए ये समय सही नहीं होगा लेकिन इसका एक फायदा ये है की बच्चे घर में रहकर अपने स्किल पर काम कर सकते है और नयी नयी चीजे सीख सकते हैं |

लॉकडाउन का सबसे बड़ा फायदा पर्यावरण को हुआ जब शुरुआत में लॉकडाउन हुआ तो हमने देखा की आसमान काफी साफ हो गये हैं और जल प्रदूषण जैसी समस्या में भी काफी सुधार हुआ जिससे नदियों का पानी भी काफी साफ़ हो गया था और गर्मी का असर भी ज्यादा नहीं हुआ |

हालांकि ये असर ज्यादा दिन तक नहीं रहा और लॉकडाउन खुलते ही पहले जैसा हो गया

लॉकडाउन में लोगो के द्वारा उठाये गये महत्वपूर्ण कदम :

  • जब लॉकडाउन शुरू हुआ तो जिन लोगो के पास आर्थिक सुविधा की कमी नहीं थी तो उन लोगो ने काफी मदद की |
  • लोगो ने काफी चैरिटी भी की लोगो को खाने का सामान आवंटित किया जरुरी सामान दिए गये |
  • हमारे देश के बढे बढे पूंजीपति, सेलेब्रिटी ने काफी योगदान दिया उन लोगो ने गरीब लोगो की मदद के लिए दान भी दिए|
  • सरकारी कर्मचारियों ने अपने वेतन में से कुछ कटौती करके अपना योगदान दिया |
  • जिन लोगो के पास दान देने के लिए नहीं थे उस लोगो ने शारीरिक मदद की |
  • कई लोगो ने इस तरह के ऐतिहासिक काम भी किया जिन्हें आज भी लोग याद करते हैं जैसे सोनू सूद जैसे महान आदमी ने जो काम किया ऐसा काम हर किसी के बस का नहीं था |

लॉकडाउन के दौरान बंद रहने वाली सेवाए :

  • लॉकडाउन के समय किसी भी परिवहन सम्बन्धी सेवाओ को बंद कर दिया जाता है जिससे आवाजाही रोकी जा सके जैसे बस, कार ऑटो, रिक्शा जैसी सेवा पर ये नियम लागू हो जाते हैं |
  • लॉकडाउन के दौरान अभी स्कूल, दुकाने, कॉलेज, सरकारी कार्यालयों, कंपनी, फैक्ट्री  आदि बंद किये जाते हैं |
  • सभी तरह की राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय सुविधाए जिसमे उड़ाने बही रद्द कर दी जाती है
  • कोई भी ऐसे काम जो की ज्यादा जरुरी नहीं है और जहा से वायरस के फैलने के सम्भावनाये बढ़ सकती है वो सुविधाए बंद कर दी जाती हैं |

लॉकडाउन के दौरान चालू रहने वाली सेवाए :

  • दूध, सब्जी की दुकाने, दवाई की दुकाने, राशन की दुकाने लॉकडाउन में खुली रहेंगी जिससे लोग अपने जरुरी सामान ले सके वो भी एक निर्धारित समय में |
  • हॉस्पिटल, क्लिनिक भी इस दौरान खुले रहेंगे क्योकि अगर कोई बीमार हो जाए या फिर कोई मेडिकल इमरजेंसी हो जाए तो इसके लिए ये जरुरी है |
  • बैंक जैसी सुविधा में इसमें खुली रहेंगी |
  • पेट्रोल पंप, एलपीजी गैस जैसी सुविधा भी चालू होगी |
  • पुलिस, मीडिया कर्मी, स्वस्थ्य विभाग का काम जारी रहेगा |
  • किसी बेहद जरुरी काम के लिए आपको प्रशासन के द्वारा अनुमति मिल सकती है |

लॉकडाउन के प्रभावी नतीजे :

जब ये वायरस चीन से शुरू हुआ तो वहा की सरकार ने इस संक्रमण को रोकने के लिए दो महीने का लॉकडाउन कर दिया था जिससे लोगो की मौतों में गिरावट देखने को मिली और यही तरीका पूरे विश्व ने अपनाया और ये तरीका कारगर साबित हुआ |

हालांकि ये लॉकडाउन का तरीका पूरी तरह से वायरस को फैलने से रोकने या इसे खत्म करने का उपाय नहीं है शोधकर्ताओं के द्वारा किये गये शोध में पाया गया की लॉकडाउन भारत में इस वायरस को रोकने में प्रभावी साबित हो सकता है लेकिन 100 प्रतिशत नहीं

10 lines on lockdown in hindi | लॉकडाउन के बारे में 10 लाइन

  1. लॉकडाउन का मतलब होता है “तालाबंदी”, अर्थात निर्धारित समय के लिए जरुरी काम काज को बंद किया जाना
  2. लॉकडाउन किसी महामारी, आपदा या फिर किसी ऐसे संकट में लागू की जाती है |
  3. लॉकडाउन को स्वस्थ और सुरक्षित रखने के लिए लागू किया जाता है |
  4. लॉकडाउन में इमरजेंसी के अलावा सभी दूसरी सेवाओ को बंद कर दिया जाता है |
  5. लॉकडाउन में घर से बाहर बेवजह जाने की अनुमति नहीं होती है |
  6. लॉकडाउन में परिवहन, ट्रेवलिंग, ट्रांसपोर्ट जैसी सुविधा बंद कर दी जाती है |
  7. लॉकडाउन में सिर्फ जरुरी काम के लिए अनुमति मिलती है |
  8. लॉकडाउन से सिर्फ जरुरी काम के लिए अस्पताल, मेडिकल की दूकान, बैंक, जरुरी दफ्तर, सब्जी और राशन की दुकाने खुली रहती है |
  9. लॉकडाउन के नियमो का उल्लंघन करने वालो पर उचित कार्यवाही की जाती है |
  10. पूरे देश में लिया गया लॉकडाउन का फैसला हमारे लिए उचित है |

Also read : Global warming essay in hindi

Conclusion (निष्कर्ष) :

लॉकडाउन में हम सबकी ये जिम्मेदारी बनती है की हमे सरकार के सभी नियमो का पालन करना है और किसी भी नियम को तोडना नहीं है लोगो को भी इसके बारे में बताना है |

अगर हम लॉकडाउन को अच्छी तरह से पालन करे तो इससे हम इस वायरस से लड़ सकते है और अपने देश के साथ साथ अपने लोगो की मदद कर सकते हैं |

FAQs..

क्या लोगो ने लॉकडाउन का सही पालन किया ?

हमारे देश की बात करू तो ये एक कडवा सच है की किसी ने भी लॉकडाउन का सही से पालन नहीं किया आये दिन हर कोई बिना बात के घर से बाहर आ रहे थे पुलिस को शक्ति बल का सहारा लेना पड़ा और उचित कार्यवाही करनी पड़ी |

लॉकडाउन कितना कारगर साबित हुआ ?

बहुत सारे मायनों में लॉकडाउन काफी कारगर साबित हुआ लेकिन कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद भी फिर से लॉकडाउन का निर्णय सरकार को लेना पड़ा |
अगर लोग लॉक डाउन को सही मायने में फॉलो करते तो शायद इसके नतीजे थोडा बेहतर होते और वैसे भी लोगो ने काफी लापरवाही की |

क्या लॉकडाउन ही कोरोना वायरस को खत्म करने का सिर्फ एक समाधान है?

नहीं, क्योकि हमने 2020 और 2021 में ही देख लिया है की लॉकडाउन ही एक उपाय नहीं है अभी पूरे दुनिया को इसे जड़ से मिटाने के लिए बेहतर तकनिकी और ईलाज को ढूढना होगा |
इसके अलावा और बेहतर वैक्सीन जो इसे जड़ से मिटा सके |
पूरी दुनिया अभी इस काम पर लगी हुई है और एक दिन हम सफलता हासिल कर लेंगे |

Vikram mehra

मेरा नाम विक्रम मेहरा है मै उत्तराखंड का रहने वाला हु मैंने B.sc (PCM) से की हुई है और मुझे टेक्नोलॉजी, साइंस और लोगो को अपने ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा देना बहुत पसंद है मेरा मकसद ऑनलाइन माध्यम से लोगो तक इनफार्मेशन पहुचाना है और साथ ही मुझे मूवीज देखना, घूमना बहुत पसंद है |

Leave a Reply