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GST kya hota hai? GST kab aur kaise lgta hai?

GST kya hota hai? GST कब और कैसे लगता है?

दोस्तों आज के इस टॉपिक में हम बात करेंगे की GST kya hota hai और GST कब और ऐसे लगता है हम इसके बारे में पूरी जानकारी लेने की कोशिश करेंगे  

GST kya hota hai?

Table of Contents

GST एक ऐसा indirect tax है जिसे manufacturer, retailer, service provider और ग्राहक को सामान खरीदते और बेचते समय हमे उस सामान का टैक्स देना होता है GST के अंतर्गत वस्तुओ और सेवाओ पर एक समान टैक्स लगाया जाता है |

indirect tax  के अंतर्गत आने वाले टैक्स जैसे sales tax, service tax, custom duty tax, excise tax और VAT ये सभी टैक्स की जगह सिर्फ एक ही टैक्स GST ही लगेगा क्योकि ये सभी टैक्स GST में merge हो गये है

GST बिल आने से पहले हम किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस को लेते समय या खरीदते समय अलग अलग प्रकार के टैक्स सरकार को pay करते आये है अब indirect tax  के अंतर्गत आने वाले सभी टैक्स के बदले हमे सिर्फ GST tax देना होगा लेकिन direct tax में GST की कोई भूमिका नही है |

GST क्यों लाया जा रहा है ?

GST को केंद्र और राज्यों के 17 से ज्यादा indirect taxes के बदले में लागू किया जा रहा है इससे excise duty, central sales tax, VAT, entry tax, stamp duty tax, telecom license fees, turnover tax, बिजली के इस्तेमाल या सेल्स और गुड्स के आयान निर्यात पर लगने वाले टैक्स खत्म हो जाएँगे |

GST के पहले लगने वाले टैक्स सिस्टम क्या क्या थे?

GST के पहले इंडिया में दो तरह के टैक्स लगते थे और अभी भी सामान्यत दो तरह के टैक्स होते है :

Direct taxes : इसके अंतर्गत आने वाले सभी टैक्स GST के अंदर नही आते है जिन्हें हमे देना ही होता है |

  • income tax
  • capital gains tax
  • securities transaction tax
  • perquisite tax
  • corporate tax

Indirect taxes : इसके अंतर्गत आने वाले सभी टैक्स GST के अंदर आते है जिन्हें हमे नही देना होता है क्योकि इसके बदले अब हमे सीधे GST tax देना होगा |

  • sales tax service tax
  • value added tax (VAT)
  • custum duty tax
  • excise duty

इसके अलावा भी और भी टैक्स होते हैं :

  • professional tax
  • dividend distribution tax
  • municipal tax
  • entertainment tax
  • stamp duty, registration fees, trabsfer tax
  • education cess, surcharge
  • gift tax
  • wealth tax
  • toll tax
  • entry tax
types of indirect taxes (GST)

किन उत्पादों पर लागू होगा GST?

सविधान के 122वे संशोधन के मुताबिक GST सभी तरह की सेवाओ और वस्तुओ/उत्पादों पर लागू होगा |

GST बिल के लागू होने से किसी भी वस्तु पर केवल एक बार ही टैक्स लगेगा और वो भी सिर्फ प्रोडक्ट की MRP पर, वो भी घटकर 17-20 प्रतिशत पर आ जाने की सम्भावना है |

GST कितने प्रकार के होते हैं?

GST को चार भागों में विभाजित किया गया है :

  1. CGST (central goods and service tax)
  2. SGST (state goods and service tax)
  3. IGST (integrated goods and service tax)
  4. UTGST (union territory goods and service tax)

CGST kya hai? CGST क्या होता है ?

CGST : इस टैक्स के अंतर्गत आपको केंद्र सरकार को टैक्स देना होता है चाहे आप राज्य के बाहर या राज्य के अंदर सामान बेच रहे हो या खरीद रहे हो |

SGST kya hai? SGST क्या होता है?

SGST : इसके अंतर्गत हमे राज्य सरकार को टैक्स देना होता है जब भी हमे SGST देना होता हा उसके साथ हमे CGST भी देना होता है जैसे : (CGST 9% + SGST 9%) |

IGST kya hai? IGST क्या होता है?

ISGT : इसके अंतर्गत जब भी हम एक राज्य से दुसरे राज्य में किसी सामान का आयात निर्यात करते है तो हमे IGST देना होता है और इसके साथ साथ CGST भी |

UTGST : इस टैक्स के अंतर्गत जो भी शहर केन्द्रशासित प्रदेश के अंदर आते है उन्हें UTGST देना होता है |

indirect tax को खत्म करके ही GST लाया गया है

आज भी आपको डायरेक्ट टैक्स देना है|

GST rates in india under 5 slabs :

GST काउंसिल के द्वारा लिए गये फैसले के बाद से ये टैक्स रेट पांच slabs में विभाजित किया गया है 0%, 5%, 12%, 18% और 28% |

0% : इसके अंतर्गत वो सारे सामान जो रोजाना इस्तेमाल होते है जैसे दूघ, अंडे, आटा ,चावल, सब्जी इत्यादि पर 0% टैक्स लगेगा |

5% : इसके अंतर्गत चीनी, तेल, मसाले, चायपत्ती और इसके सम्बन्धित सामान पर 5% का टैक्स लगेगा |

12% : इसके अंतर्गत छोटे मोटे इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेल, घड़ी, trimmer जैसे सामान पर टैक्स लगेगा |

18% : इसके अंतर्गत थोड़े महंगे सामान जैसे जूते, कपड़े, शैम्पू, साबुन, परफ्यूम और ऐसे कॉस्मेटिक के सामान पर 18% का टैक्स लगेगा |

28% : इसके अंतर्गत महंगे लक्ज़री सामान जैसे कार, बाइक, AC, fridge, TV जैसे बड़े आइटम पर 28% का टैक्स लगेगा |

GST की आवश्यकता क्यों है और इसका क्या महत्व है ?

GST लागू होने से सबसे बढ़ा फायदा आम आदमी को होगा पूरे देश में किसी भी सामान को खरीदने के लिए एक ही टैक्स चुकाना होगा |

इसका मतलब पुरे देश में किसी भी सामान की कीमत एक ही रहेगी जैसे कोई कार आप दिल्ली से खरीदते है तो उसकी कीमत अलग होती है वही उस कार को किसी राज्य में खरीदने के लिए अलग कीमत चुकानी पढ़ती है लेकिन इसके लागू होने से कोई भी सामान किसी भी राज्य में एक ही रेट पर मिलेगा |

किस सामान को खरीदने पर कम होगी सामान की कीमत ?

इसके लागू होने से टैक्स का ढांचा पारदर्शी होगा जिससे काफी हद तक टैक्स विवाद कम होंगे |

इसके लागू होने के बाद राज्यों को मिलने वाला VAT, मनोरंजन कर, लक्ज़री टैक्स, लाटरी टैक्स, एंट्री टैक्स इत्यादि भी खत्म हो जाएँगे |

फिलहाल जो सामान ल्ह्रिदते समय लोगों को उस पर 30-35 प्रतिशत टैक्स के रूप में चुकाना पढता है वो भी घटकर 17-20 प्रतिशत पर आ जाने की सम्भावना है |

GST लागू होने पर कंपनी और व्यापारियों को भी फायदा होगा सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में कोई दोक्क्त नही होगी जब सामान बनाने की लागत घटेगी तो इससे सामान सस्ता भी होगा |

GST bill की मुख्य बाते क्या क्या हैं और इसके क्या क्या लाभ हैं ?

  • One nation one tax system
  • गरीबो के उपयोग की वस्तुए GST से बाहर होगी
  • GST तीन से चार भागों में होगा जैसे : CGST, UGST, IGST, UTGST इत्यादि जिसे हम पहले ही बता चुके हैं
  • कच्चा बिल पक्का बिल की व्यवस्था समाप्त होगी
  • GST से छोटा व्यापारी भी बैंक लोन आसानी से ले पाएगा
  • Real time data available होगा
  • महंगाई दर पर कंट्रोल होगी
  • रेस्टोरेंट में खाना खाना सस्ता हो जाएगा
  • घर में उपयोग होने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स सस्ते हो सकते है क्योकि अब excise duty 12.5% तथा VAT 14.5% दोनों के स्थान पर केवल एक GST 18% ही चुकाना होगा
  • अभी मकान खरीदते समय सर्विस टैक्स और vat दोनों देने पड़ते थे लेकिन GST bill के बाद सिर्फ GST देना होगा
  • किसी भी manufacturing industry को excise duty, sales tax समेत लगभग 13-14 तरह के टैक्स चुकाने पड़ते थे जिसमे समय और पैसा दोनों ही आशिक लगता था जबकि GST bill के बाद सिर्फ एक ही टैक्स भरना होगा और विभिन्न कार्यालयों के चक्कर, payment, return से आजादी मिल जाएगी

कैसे लगेंगे ये GST tax? GST कब लगता है ?

राज्य के भीतर माल बेचने पर : (CGST 9% + SGST 9%) कुल 18% मिलाकर टैक्स लगेगा

राज्य से बाहर माल बेचने पर : (IGST 18%) इसको destination GST भी कहते हैं

उदाहरन के लिए कोई A राज्य दे सामान B राज्य में बेचता है तो A राज्य को CGST और SGST को मिलाकर 18%  केंद्र सरकार को देना होता है और उसमे से केंद्र सरकार B राज्य को उसका SGST 9% दे देता ताहि जिससे दोनों तरफ का फायदा हो |

पहले से लगने वाले टैक्स का क्या होगा ?

  • Excise duty, service tax, custom duty और अन्य केन्द्रीय indirect tax की जगह CGST लगेगा
  • VAT, entertainment tax, entry tax की जगह SGST लगेगा
  • Central sales tax की जगह IGST लगेगा

What is GST return in hindi ?

जब एक दुकानदार सामान खरीदकर लता है तो उसमे कुछ प्रतिशत GST लगता है और जब उसे किसी ग्राहक को बेचता है तो ग्राहक पर कुछ प्रतिशत GST लगता है तो जो दो बार GST लगा उसे दुकानदार को केंद्र सरकार को वापस करना होता है इसे GST return कहते है

इसे सुविधानुसार हर महीने तीन बार return करना होता है जिससे पुराना हिसाब रखने की जरूरत नही होती है |

कितने items GST के अंतर्गत आते है ?

GST के अंदर कुल 1200 item आते है |

किन किन सामान पर GST नही लगता है ?

कुछ ऐसे सामान जैसे पेट्रोल, desiel, वाइन और कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स पर GST नही लगता है |

GSTIN number kya hota hai?

GSTIN number kya hota hai? GSTIN number क्या है?

जब आप GST number के लिए अप्लाई करते है उसके बाद आपको जो नंबर मिलता है उसे GSTIN number कहते है इसका पूरा नाम GST identification number हैं और ये 15 digit (अंको) का होता है |

इस नंबर में आपके पहले के दो अंक आपके स्टेट कोड होते हैं, बीच के दस नंबर आपके PAN कार्ड का नंबर होता है और बाकी लास्ट के तीन नंबर computer generated नंबर होते हैं |

How to get GST number? GST नंबर कैसे प्राप्त करें?

Documents required for individuals :

  • Pan card का होना जरुरी है
  • Adhar card का भी होना जरुरी है
  • Address proof : आप जहा पर बिज़नेस कर रहे हैं वह का एड्रेस प्रूफ और आपका residence या permanent एड्रेस का प्रूफ चाहिए होता है
  • फोटो की भी जरूरत पड़ती है
  • मोबाइल नंबर चाहिए होता है
  • Email id  की जरूरत होती है

HUF (Hindu undivided firm) :

  • PAN card of HUF
  • PAN card and Aadhar card of Karta
  • Photograph of the owner
  • Address proof of principal place of business
  • Mobile number
  • Email ID

इसके अलावा अगर आपका प्राइवेट लिमिटेड फर्म है तो इसके लिए भी इसी तरह के डॉक्यूमेंट के जरूरत होती है |

“GST का registration केवल ऑनलाइन के माध्यम से ही हो सकता है registration करने के लिए GST का official site www.gst.gov.in को visit करें”

यही GST के लिए इकलौता site है और इसके सम्बन्धित कोई भी काम करना हो तो आपको इसी साईट पर जाना होगा और ये बिलकुल फ्री है इसके लिए कोई पैसे चार्ज नही करने पड़ते हैं|

“GST का registration बिलकुल फ्री है आपको किसी को पैसे देने की जरूरत नही है”

GST number की प्राप्ति कितने दिनों में होती है?

GST registration का ऑनलाइन जब successfully apply कर दिया जाता है तब हमे ARN (application reference number) प्राप्ति होती है जिसकी मदद से हम GST portal पर ट्रैक रख सकते है अगर GSTN (goods & service tax network) की तरफ से कोई डिमांड न हो तो तीन से चार दिनों के अंदर हमारे ईमेल और मोबाइल पर GST  का नंबर जारी कर दिया जाता है

Goods and service tax council क्या है और कैसे काम करती है?

अगर GST में कोई दिक्कत हो गयी या कोई बदलाव करना है तो ये GST council करती है इसके कुल 33 member होते है जिनकी बैठक होती है और वही निर्णय लेते हैं

वित्त मंत्री (1), राज्य मंत्री(1), राज्यों के वित्त मंत्री(28) और केंद्र शासित प्रदेश(3) को मिलाकर 33 सदस्य होते है जिस केंद्र शासित प्रदेश की खुद की विधानसभा होती है उनके खुद के सदस्य होते हैं |

यही निर्णय लेते है की टैक्स slabs को बढाया जाये या घटाया जाये |

What is input and output GST? इनपुट GST और आउटपुट GST क्या होता है?

Input GST : जब कोई व्यापारी किसी registered dealer या person से कोई taxable item या सर्विस को purchase करता है तो इसके लिए वो टैक्स देता है यही इनपुट GSTकहलाता है |

Output GST : जब कोई व्यापारी registered dealer या person से किसी भी person या company को कोई taxable item या सर्विस sale करता है तो इसके लिए उसे टैक्स, कस्टमर से वसूल करना होता है Output GST कहलाता है |

Output – Input GST = GST Payable

GST number लेने की योग्यता (limit) क्या है?

GSTके नियमानुसार GST का number लेने के लिए अपने turnover से पहले आपको अपने राज्य को देखना होगा की आप किस राज्य में रह रहे हो अर्थात् अपना व्यापार करना चाहते है या कर रहे है |

इस तरह से पुरे राज्यों को दो भागों में विभाजित किया गया है :

Normal category : अगर किसी व्यापारी का turnover पिछले वित्तीय वर्षो में चालीस लाख से अधिक है तो ऐसे व्यापारी को GST Number लेना अनिवार्य हो जाता है 1 अप्रैल 2019 से लागू होने के बाद इसके अंतर्गत कई सारे राज्य आते है

जैसे : chhattisgarh, jharkhand, delhi, bihar, maharashtra, andhra pradesh, gujrat, haryana, goa, punjab, uttar pradesh, j&k, assam, himanchal pradesh, karnataka, madhya pradesh, odisha, rajasthan, tamil nadu, west bengal इत्यादि|

Special category : अगर किसी व्यापारी का turnover पिछले वित्तीय वर्षो में बीस लाख से अधिक है तो ऐसे  व्यापारी को GST number लेना अनिवार्य हो जाता है 1 अप्रैल 2019 से लागू होने के बाद इसके अंतर्गत कई सारे राज्य आते है

जैसे : puducherry, meghalaya, mizoram, tripura, manipur, sikkim, nagaland, arunachal pradesh, uttarakhan इत्यादि |

कितना कारोबार GST पंजीकरण के लिए आवश्यक है ?

अगर आप normal या special category के व्यापारी हो और आप एक राज्य से दुसरे राज्य में आयात निर्यात करते है तो आपको GST के लिए पंजीकरण करना आवश्यक हो जाता है |

GST किस किसको देना होता है ?

Normal और special category के व्यापारी, एक राज्य से दुसरे राज्य में सामान बेचने वाले और ऑनलाइन सामान खरीदने वाले को GST देना होता है और कोई भी ऐसा सामान जो GST के under आता हो |

GST की कुछ महत्वपूर्ण बातें ?

  • सबसे पहले GST फ्रांस से शुरू हुआ 1954 में
  • हम जो GST का मॉडल फॉलो करते है वो कनाडा से लिया गया है
  • इंडिया में केलकर समिति के सिफारिश पर GST लाया गया
  • कुल मिलाकर 17 indirect taxes के बदले GST लगती है
  • अगर जो टैक्स फाइल नही करता है और भुगतान नही करता है उसे पांच साल की जेल हो सकती है
  • 8 sep 2016 को इसपर राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर किये और असम नए सबसे पहले इसका समर्थन किया और सबसे last में जम्मू कश्मीर ने समर्थन किया
  • 1 जुलाई 2017 को ये पूरे देश में लागू कर दिया गया
  • IGST की चर्चा 269-A अनुच्छेद में है

और पढ़े : बिज़नेस कैसे स्टार्ट करते है ?

Conclusion (हमने क्या क्या सिखा) :

अभी तक हमने GST kya hota hai, GST कितने प्रकार का होता है, टैक्स कितने प्रकार के होते है, इसकी जरूरत क्यों पड़ी, इसका महत्व, इसके लाभ, GST number कैसे प्राप्त करे और इसके बारे में जितना हो सके उतनी जाकारी हमने ली जोकि अभी तक काफी है |

मैंने आपको इसमे कुछ ऐसे तथ्य भी बताये है जो आपको दूसरी जगह मुश्किल से मिलेंगे अगर आप इस आर्टिकल को ठीक ढंग से पड़ेंगे अगर आपको इसमें किसी भी बात का संकोच है तो आप मुझे निचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है |

GST भारत में कब लागु हुआ?

1 जुलाई 2017 को GST पुरे भारत में लागु हो गया|

GST का full form क्या है?

GST का full form “Goods and service tax” होता है

Vikram mehra

मेरा नाम विक्रम मेहरा है मै उत्तराखंड का रहने वाला हु मैंने B.sc (PCM) से की हुई है और मुझे टेक्नोलॉजी, साइंस और लोगो को अपने ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा देना बहुत पसंद है मेरा मकसद ऑनलाइन माध्यम से लोगो तक इनफार्मेशन पहुचाना है और साथ ही मुझे मूवीज देखना, घूमना बहुत पसंद है |

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