You are currently viewing Inner Engineering : A Yogi’s Guide to Joy Book Summary In Hindi By Sadhguru

Inner Engineering : A Yogi’s Guide to Joy Book Summary In Hindi By Sadhguru

हेलो दोस्तों आज के इस टॉपिक में हम बात करेंगे sadhguru जी की फेमस किताब inner engineering की बुक summary का संक्षिप्त विवरण आपके सामने प्रस्तुत करेंगे की आखिर लेखक इस किताब के माध्यम से हमे क्या बताना चाहता है ये किताब हमारे अंदर के सोच और कर्म को बदलने में मदद करता है |

जब मनुष्य इस धरती में जन्म लेता है तब से लेकर मृत्यु तक उसके जीवन में कई उतार-चढाव और सुख-दुःख आते हैं जिसमे मनुष्य को इन परिस्थितियों से काफी कुछ सिखने को मिलता है और उसे ये समझ आता है की किसका कैसे सामना करना है और किसे स्वीकार करना है |

Inner Engineering book में लेखक ने बताया की है कैसे आप अपनी सोच की प्रक्रिया को बदलकर एक सही दिशा में बदल सकते हो जिससे आपकी लाइफ पूरी तरह बदल जाएगी और आप अपना लक्ष्य हासिल कर लोगे |

(Inner Engineering book summary in hindi | Inner Engineering book in hindi | Inner Engineering summary in hindi | Inner Engineering book by sadhguru | Inner Engineering in hindi)

Inner Engineering : A Yogi’s Guide to Joy Book In Hindi | Inner Engineering : A Yogi’s Guide to Joy Summary In Hindi

(1). Bring Body, Mind And Energy In Harmony :

जब भी हमारी बॉडी, मन और एनर्जी एक साथ काम करती है तो हमारे अंदर एक ऐसी उर्जा का संचार होता है जिसे जान पाना मुश्किल होता है आज के समय हमारा इन तीनो पर फोकस नहीं है जिससे डिप्रेशन, बिमारी और ऐसे कोई विकार उत्पन्न हो जाते हैं जिन्हें ठीक कर पाना मुश्किल हो जाता है |

आपको अपने मन को काबू करना है जब भी आप दुखी हो उस समय आपको निराशा में नहीं डूबना है बल्कि अपनी कमियों को सुधारना है जैसे एक पेड़ जो कभी भी सर्दी, गर्मी और बरसात किसी का भी शौक नहीं मनाती है उसी तरह आपके मन को भी करना है |

हमे अपने शरीर का भी अच्छे से ख्याल रखना है उमे अच्छा और नियमित भोजन करना है और नियमित रूप से व्यायाम भी करना है क्योकि जिस तरह से आज के समय बीमारियाँ बढ़ रही है उसका मुख्य कारण है हमारी अनियमित दिनचर्या जिसमे हम अपने शरीर का ध्यान नहीं रखते हैं |

हमे अपने अंदर की एनर्जी को भी कण्ट्रोल करना है हमे ये देखना है की हमारी एनर्जी गलत दिशा में तो नहीं जा रही है या फिर हम इसका कितने प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर रहे है अगर आप अपनी एनर्जी का गलत इस्तेमाल कर रहे हो तो इसका नुकसान भी बहुर बुरा होता है जो आपको गलत कार्य करने में उतरदायी होता है |

हमे अपनी नेगेटिव एनर्जी को त्याग करके पॉजिटिव एनर्जी को अपनाना है इसके लिए आपको अच्छे कर्म, अच्छी दिनचर्या के साथ साथ अच्छा खान-पान और व्यायाम भी करना है और हमेशा अच्छे वातावरण और लोगो के साथ रहना है |

Also Read : The Magic Of Thinking Big Book Summary In Hindi

(2). Don’t Believe In Things You Have Not Seen (Inner Engineering book summary in hindi) :

आज के समय समाज में अगर कोई किसी के बारे में फेक जानकारी फैलाता है या फिर किसी को बताता है तो लोग उस पर तुरंत विश्वास कर लेते है वे बिना किसी जांच पड़ताल के बिना ही अपने अंदर ऐसी धारणा बना लेते है की वाकई में ये एकदम सच है |

इस तरह से हम एक दुसरे के प्रति नफरत ऐसी करने लगते हैं की जिसका झूठ हमे पता नहीं होता है लोग एक दुसरे को ऐसे भड़काने का काम कर देते है जिसका कोई प्रमाण नहीं होता है |

हमे कभी की किसी की सुनी सुनाई बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए जब तक किसी भी बात की सत्यता प्रमाणित नहीं हो जाती है तब तक उस पर भरोसा करना सबसे बही गलती मानी जाती है आपको आसानी से किसी पर भी भरोसा नहीं करना है जब तक की आपने अपनी आँखों से देखा और सुना ना हो |

(3). Attain Self-Awareness :

आज के समय सेल्फ अवेयरनेस की काफी कमी है लोग बिना की वजह से अपनी एक अलग ही धारणा बना लेते है और अगर उनके पास कोई गालर जानकारी है तो वे उसी पर आश्रित हो जाते हैं |

अगर कोई अपने लाइफ में कुछ पा लेता है तो इसमें भी हम दुखी रहते हैं की इसने ऐसा क्या पा लिया जो ये इतना खुश है लेकिन हम ये जानने की कोशिश नहीं करते है की इसने ऐसा क्या किया जो आज ये तीन खुश है |

जागरूकता हमारे अंदर बिलकुल ख़त्म हो जाती है जिस दिन आपके अंदर self-awareness आ गयी उस दिन आप देखेंगे की आपके अंदर सभी doubt क्लियर हो जाएँगे आपको किसी बात की कोई दुविधा नहीं होगी

आगर आप पहले से जागरूक होंगे तो आपको किसी भी बात पर परेशान होने की जरूरत नहीं होगी क्योकि आप पहले से ही जान लोगे की क्या सही है और क्या गलत है |

(4). Happiness Is A State Of Mind (Inner Engineering summary in hindi) :

खुश रहना या न रहना अपने पर निर्भर करता है लेकिन लोगो को लगता है की खुशियाँ से पैसा, घर, गाडी से ही आती है इसके सिवाय खुश रह पाना मुश्किल है इन चीजो को पाने के लिए आप काफी मेहनत करते हो अपनी आधी जिन्दगी इसी में लगा देते हो और फिर भी आप खुश नहीं रहते हो |

आपको क्या लगता है की मुकेश अम्बानी हमेशा खुश रहता है या फिर एलन मस्क भी हमेशा खुश रहता है क्या उन्हें दुःख नहीं होता है ?

एक किसान जब ख़ुशी ख़ुशी हल लगा सकता है और अपनी फॅमिली के साथ सुखी से रह सकता है तो आप क्यों नहीं रह सकते हैं ?

एक बात हमेशा याद रखना ये पैसा, गाडी, मकान आपको खुशियां लाकर दे इसकी कोई गारंटी नहीं है आपको अपनी जिन्दगी में छोटी छोटी चीजो में खुशियाँ ढूंढनी चाहिए |

एक अच्छी लक्ज़री लाइफ के सपने जरुर देखने चाहिए लेकिन यही आपकी लाइफ हो सकती है इस पर ही निर्भर मत रहिये |

(5). Don’t Be Too Rational All The Times :

कभी कभी हर बात पर ज्यादा लॉजिक देने से कोई फायदा नहीं होता है हर बात पर ज्यादा दिमाग लगाने का भी कोई फायदा नहीं होता है इससे आप सिर्फ सोचते ही रहोगे और लाइफ का आनन्द नहीं ले सकोगे |

जिस तरह से होली में कहा जाता है की रंगों से हमारी स्किन, बाल और आँखों को नुकसान हो सकता है और दिवाली के पटाखों से प्रदूषण हो सकता है, मंदिरों में फल और दूध चढाने का कोई लॉजिक नहीं है इस तरह के बेफिजूल तर्क और बेकार का दिमाग लगाने का कोई फायदा नहीं होता है अगर आप इन चीजो में ही पड़े रहोगे तो खुश रहना आपके लिए मुश्किल हो जाएगा |

विज्ञान से हम भगवान नहीं ढूंढ सकते है और ना ही किसी विज्ञान की जरूरत है की भगवान हैं की नहीं क्योकि ईश्वर का होना हमारे विश्वास, आस्था, साधना पर निर्भर करती है |

कभी कभी हमे लगता होगा की म्यूजिक सुनने का कोई फायदा नहीं लेकिन जब आप अकेले, उदास औए दुखी रहते होंगे तो आप भी म्यूजिक हो सुनते होगे जोकि लगभग सभी करते ही हैं लेकिन ऐसी बातों पर judgemental होने का कोई मतलब नहीं है |

इसीलिए हर बातो पर लॉजिक देना, हर बात पर explaination देने का कोई मतलब नहीं होता है हमे बस हर काम में खुशियाँ ढूंढनी चाहिय |

Also Read : The Defining Decade Book Summary In Hindi

(6). The Spiritual Path Is Like A Game (Inner Engineering book in hindi) :

जब लोग भगवान् के ध्यान में इतने मगन होते हैं या फिर ईश्वर प्राप्ति की तरफ आकर्षित होते है तो कई लोगो को कई तरह की मिथ घेर लेती है लोगो को लगने लगता है की पूजा-पाठ, ध्यान-साधना से ही ईश्वर की प्राप्ति होगी और कई लोगो को लगता है की भगवान् के शरण में जाने से ही ईश्वर की प्राप्ति होगी |

जब लोग इन सभी चीजो में लिप्त होते हैं और अंततः उन्हें लगता है की ऐसा करने से कोई फायदा नहीं हुआ तो वे बाद में इसे छोड़ देते हैं |

अध्यात्म एक गेम की तरह है जिसे आपको कई बाधाओं को पार करे आगे बढ़ना होता है इसमें आपको कई बार हार का सामना भी करना होता है इसी तरह आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्ति के रस्ते पर कई मुश्किलें आती है लेकिन आपको कोशिश करते रहना है |

(7). Don’t Assume Anything :

कई बार हम कुछ भी धारणा बना लेते है की जिससे हमारे अंदर एक अज्ञानता का वास हो जाता है क्योकि ये सब हमारे समाज में हो रहा होता है जैसे हम दुसरे जाति और धर्म के लोगो के प्रति अपनी एक धारणा बना लेते है और बिना वजह उनसे नफरत करते हैं |

जैसे हमे लगता है की लड़कियां अगर छोटे छोटे कपडे पहने तो इससे हम उसके चरित्र पर सवाल उठाने लगते हैं जिसका उनके चरित्र से कोई लेना देना नहीं होता है और एक परदे में रहने वाली महिला ही संस्कारी हो सकती है इस बात की कोई गारंटी नहीं है |

क्योकि ऐसी सुनी सुनाई बातों पर हमे विस्वास नहीं करना चाहिए कभी किसी के खिलाफ हम इतने विरोधी हो जाते है की हम उससे नफरत करने लग जाते है लेकिन जब पता चलता है की वो आदमी इतना बुरा नहीं है तो इसका हमे अहसास होने लगता है |

कई लोग कहते है की ईश्वर नहीं होता है लेकिन जो लोग मानते है उन्हें इससे संतुष्टि मिलती है इसका मतलब ये नहीं है की वे दोनों गलत है बेवजह कुछ भी धारणा बना लेना बिल्कुल गलत है |

(8). Don’t Think Yourself As Superior (Inner Engineering book review in hindi) :

 कुछ लोग अपने आप को इतना बड़ा और ज्ञानी मानते है की उन्हें लगता है की वो जो है वही सही है उनके विचार, उनका काम सब कुछ उच्च दर्जे का है |

जिस तरह से भगवान् को मानने वाले व्यक्ति को लगता है की वही पूरी दुनिया में सही और वो जो करेगा वो सही होगा क्योकि वो ईश्वर को मानता है और एक जो भगवान् को नहीं मानता है वो बिलकुल गलत है लेकिन ऐसा नहीं है जिस तरह से आज के समय एक धार्मिक व्यक्ति धर्म के नाम पर दंगे भी करवा सकता है उसी तरह से भगवान् को नहीं मानता है वो कई बढे कार्य और चैरिटी करता है तो ऐसे मै कौन अच्छा और बुरा है या कौन बड़ा और छोटा है इसका कोई तर्क नहीं है |

इसिलिय कभी भी खुद को हर समय सबसे बड़ा समझने की कोशिश मत करिए कभी कभी दूसरो की बात भी सुन लेनी चाहिए |

(9). Always Do The Right Karma :

किस्मत से ज्यादा हमे अपने कर्मो पर विश्वास रखना चाहिए और हमेशा अच्छे कर्म करने की कोशिश करे |

लोग भगवान् से बोलते है की मेरे साथ इतना बुरा क्यों हुआ मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है लेकिन क्या एक इंसान अपने हार कर्मो का हिसाब तो नहीं रखता है तो वो कैसे बोल सकता है की मैंने कुछ भी गलत नहीं किया |

आप अपने जीवन में कुछ न कुछ गलत तो जरुर करते हैं कभी दूसरो से झूठ बोल देते हैं, कभी किसी की तरक्की से जलते हैं, कभी किसी की लड़ाई करवा देते हैं कभी किसी को गाली गलौच देते है तो आप इन चीजो का हिसाब नहीं रख सकते हैं |

छोटे छोटे गलत कर्मो से ही पाप का घड़ा भरता है इसीलिए हमेशा अच्छे कर्म करना चाहिए हमे ये ध्यान देना है की जैसा हम करेंगे वैसा ही हमारे साथ भी होगा |

(10). Get Rid Of “BUT” :

हमारे अंदर excuse देने का सबसे बड़ी आदत होती है हम ऐसा बोलते हैं की मैं ऐसा कर तो लेता “लेकिन”, मैं वैसा पक्का कर लेता “लेकिन” |

इस तरह के जो भी बहाने होते हैं हमे उनसे दूर रहना है ये लेकिन जैसा शब्द आपके रास्ते का सबसे बड़ा रुकावट है जो काम करने में कठिनाई होती हैं वहां हम बहाने बना लेते हैं हमे अपनी आदतों को बदलना है क्योकि एक दिन में कुछ भी नहीं मिलता है |

कुछ लोग काम के शुरुआत में ही बोलने लग जाते हैं की ये मैं पूरा कर तो लेता लेकिन…. कोई लोग करने से पहले ही बोलने लग जाते हैं |

जिस दिन आपने इस आदत से छुटकारा पा लिया समझो उस दिन से आपके सारे काम आसानी से हो जाएँगे |

Also Read : The Psychology Of Persuasion Book Summary In Hindi

Final Word :

दोस्तों sadhguru जी की ये किताब Inner Engineering summary in hindi में हमने कुछ ऐसे महत्वपूर्ण बिन्दुओ पर discuss किया जिन्हें समझना बहुत जरुरी है कैसे हम इनका पालन करे ये आप पर निर्भर करता है |

ये सभी बाते भले ही एक दिन में नहीं होंगी लेकिन धीरे धीरे इसे अमल करे तो आपकी लाइफ पूरी तरह बदल जाएगी |

Vikram mehra

मेरा नाम विक्रम मेहरा है मै उत्तराखंड का रहने वाला हु मैंने B.sc (PCM) से की हुई है और मुझे टेक्नोलॉजी, साइंस और लोगो को अपने ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा देना बहुत पसंद है मेरा मकसद ऑनलाइन माध्यम से लोगो तक इनफार्मेशन पहुचाना है और साथ ही मुझे मूवीज देखना, घूमना बहुत पसंद है |

Leave a Reply