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The Power Of Habit Book Summary In Hindi By Charles Duhigg

हेलो दोस्तों आज के इस टॉपिक में हम बात करेंगे बहुत ही फेमस किताब the power of habit book के बारे में जिसमे हम आपको इस किताब की संक्षिप्त summary आपके सामने प्रस्तुत करेंगे की आखिर कैसे आप इस किताब को पढ़कर अपनी बुरी आदतों को छोड़कर अच्छी आदतों को अपना सकते हैं जिसमे ये किताब आपकी बहुत हेल्प करेगी |

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The Power Of Habit Book Summary In Hindi | Charles Duhigg Book Summary In Hindi

दोस्तों हम अपनी आदतों से अच्छी तरह से वाकिफ होते हैं बचपन से लेकर पूरी जवानी तक हमारे अंदर ऐसे कई आदते आ जाती है जो हमारी इच्छाओं और बिना इच्छा से से हमारे अंदर आ जाती है जिसमे हम कई अच्छी आदते भी अपनाते हैं तो कई बुरी आदते भी हमारे अंदर आ जाती हैं |

जब एक बार कोई आदत हमे लग जाती है तो हमारा दिमाग बिना सोचे समझे वो काम करने लग जाता है क्योकि हमारे दिमाग को लगता है की ये हमारे लाइफ का अहम् हिस्सा है |

Habit हमारे लाइफ का एक ऐसा फार्मूला है जिसे हमारा मस्तिष्क बिना सोचे समझे फॉलो करता है |

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Habit Loop :

Habit loop के माध्यम से लेखक ने ये बताया है की हमे कोई भी आदत कैसे लगती है जिसके लिए हमे हैबिट लूप को समझना पड़ेगा, जिसमे खासकर तीन आदते होती हैं :

1.Cue : इस तरह के हैबिट में हमे कैसे तरह के माध्यम से किसी भी तरह की हैबिट लग जाती है चाहे कोई फोटो, ऑडियो, विडियो, smell या फिर thought इत्यादि हो सकते हैं |

मान लो कोई व्यक्ति स्मोकिंग कर रहा है तो आपको उसे देखकर cue मिलता है और फिर उसे देखकर अगर आप भी स्मोकिंग करना शुरू करते हो तो उसे विसुअल cue कहते हैं |

इसी तरह से यदि आपने किसी को स्मोकिंग के बारे में बात करते हुए सुना या फिर उस व्यक्ति के बारे में विचार किया जो स्मोकिंग करता हो तो वो भी एक cue बन जाता है |

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2.Routine : जब किसी व्यक्ति को cue मिल जाता है तो इसका मतलब होता है की उसे हैबिट की पहली स्टेज मिल चुकी है अब वो दूसरी स्टेज में आने के लिए तैयार है जिसे routine कहते हैं cue तो सिर्फ एक सिग्नल की तरह है लेकिन जब कोई उस हैबिट को अपने प्रोसेस में लाता है तो उसे routine कहा जाता है |

जैसे अगर आपने स्मोकिंग करना शुरू कर दिया तो वो प्रोसेस आपका routine हो जाता है |

3.Reward : cue, routine के बाद तीसरी स्टेज होती है reward यानि की ईनाम.

जब भी हम किसी हैबिट म बंध जाते हैं तो हमे तरह-तरह के reward मिलते हैं बुरी आदतों से बुरे reward मिलते हैं जिससे हमे पछतावे का एहसास तो होता है मगर फिर भी हम अपनी हैबिट को नहीं छोड़ते हैं और उसी तरह कुछ अच्छी हैबिट से हमे अच्छे reward भी मिलते हैं जिससे हमे ख़ुशी का एहसास होता है |

इसी तरह से ये habit loop इंसान को बांधकर रखता है |

Craving :

दोस्तों जब भी हम किसी आदत में पड़ जाते हैं तो हम बिना सोचे-समझे उस काम को करने लग जाते हैं मानो वो काम आटोमेटिक हो रहा हो, जैसे हम साइकिल चलाते हैं, स्विमिंग करते हैं, विडियो गेम खेलते हैं ये सारे काम हम आँख बंद करके और दूसरो से बाते करते हुए भी कर लेते हैं |

Bad habit भी इसी तरह से काम करता है जैसे अगर हम स्मोकिंग या फिर शराब की बुरी हैबिट में फंस जाते हैं तो उस काम को हम बार-बार करते हैं हमारा दिमाग एक तरफ कहता है की छोड़ देता हु तो दूसरी तरह हम उसे छोड़ नहीं पाते हैं हमे पता ही नहीं चलता है की कब हम इतना पी गये |

जिसका मुख्य कारण होता है craving जो एक व्यक्ति हो ये सब करने को मजबूर करता है |

अगर किसी व्यक्ति तो नशे की बहुत ज्यादा तलब है और वो इसके बिना ज्यादा देर तक नहीं रह सकता है अगर वो ज्यादा देर तक ऐसे ही रहा तो उसके दिमाग में craving शुरू हो जाती है दिमाग सोचता है की बस किसी भी तरह मुझे ये मिल जाए जिससे मै सुकून महसूस करू |

इस तरह से वो व्यक्ति हैबिट की routine में आ जाता है और किसी भी तरह के ऐसे विसुअल को देखकर या फिर याद कर उसे cue मिल जाता है जिससे habit loop एकदम शुरू हो जाता है |

इस तरह की हैबिट हमारे रोजाना की लाइफ में भी होता है जब हम किसी ब्यूटी प्रोडक्ट को खरीदते हैं भले ही वो उतना ख़ास ना हो लेकिन उसकी खुशबू बहुत ही शानदार होती है जिससे हमे उसके इस खुशबू की आदत पड़ जाती है जिसकी वजह से हम उसी प्रोडक्ट को बार-बार खरीदते है उसके आलावा हमे कोई दूसरा पसंद नहीं आता है इसका मुख्य कारण यह है की ब्रांड अपने उस प्रोडक्ट में ये खुशबू अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग और वैल्यू बढाने के लिए करता है जिससे वो प्रोडक्ट ज्यादा से ज्यादा बिके और कस्टमर को उसकी हैबिट लग जाए |

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Replace Bad Habit With Good Ones :

दोस्तों अभी तक हम habit loop और craving के बारे में समझ चुके हैं अब हम जानेंगे की कैसे हम अपनी बुरी आदतों को छोड़ सकते हैं |

हमेशा एक बात याद रखना की आदते बदली जा सकती हैं जिसका अर्थ है की मानो आपको स्मोकिंग छोडनी है तो इसका मतलब ये नहीं है की सिर्फ स्मोकिंग छोड़ देना है ऐसा बिलकुल भी नहीं है |

इसके बदले आपको अपनी इस आदत को दूसरी आदत में बदलना है लेकिन ये जरुरी है की उस हैबिट में reward और cue होना चाहिए क्योनी हमारा दिमाग हमेशा reward चाहता है लेकिन नयी हैबिट से reward ना मिले तो वह पुरानी हैबिट में चला जाता है |

दोस्तों अगर आपको कोई भी बड हैबिट छोडनी है तो उसे एक नयी हैबिट से replace करो जिसमे डोपामाइन का reward मिले, जैसे किताबे पढ़िए, म्यूजिक सुनिए, walk पर जाइये|

इसके आलावा जो भी अच्छी आदते आपको पसंद है उसे अपनाने की कोशिश करो जिसमे आपको ख़ुशी मिले |

Habits At Business Organization :

हैबिट आपके लिए पर्सनल लेवल तक सीमित नहीं होना चाहिए इसे आप बिज़नस लेवल तक ले जाना चाहिए अगर आप एक बिजनेसमैन हो तो अपने ऑफिस में अपने कर्मचारी के साथ आर्गेनाईजेशनल हैबिट की आदत अपनानी चाहिए |

अगर आप अपने कर्मचारी की आदतों को बदलना चाहते हो तो सबसे पहले आप एक cue सोच ले, जैसे आप उन्हें बोल सकते हो की ऑफिस आने से पहले अलार्म लगा कर रखे, फिर जाकर आप reward के बारे में सोचिए |

जिसके बाद जो भी कर्मचारी ऑफिस समय पर आएगा आप उन सभी कर्मचारियों की तारीफ करें और इस reward को पाने के लिए सभी कर्मचारी हमेशा समय पर आयेंगे |

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Willpower :

गुड हैबिट बनाने के लिए आपको एक और महत्वपूर्ण चीज चाहिए और वो है willpower.

जिन भी लोगो के अंदर एक strong willpower होती है वे कभी भी बुरी आदतों में नहीं फंसते हैं इंटेलिजेंस से भी ज्यादा पावरफुल होता है willpower, अगर एक बुद्धिमान व्यक्ति की willpower कम है तो वह जीवन में ज्यादा आगे नहीं बढ़ सकते हैं |

willpower को साबित करने के लिए एक एक्सपेरीमेंट किया गया जिसमे बहुत सारे बच्चो को marshmallow दिया गया और उनसे बोला गया की वे इन्हें खा सकते हैं |

फिर उन्हें कहा गया की अगर वे 15 मिनट इन्तेजार करेंगे तो उन्हें और marshmallow दिया जाएगा, कुछ बच्चो ने 15 मिनट से पहले ही सारे marshmallow खा लिए लेकिन कुछ ऐसे थे की जिन्होंने 15 मिनट इन्तेजार किया |

उसके बाद ये देखा गया की जिन बच्चो ने इन्तेजार किया उनके एग्जाम में अच्छे मार्क्स आये थे और आगे जाकर वे बच्चे सफल रहे |

क्योकि उन बच्चो की willpower काफी मजबूत थी और marshmallow के लिए उनके अंदर कोई भी लालच नहीं था |

Organizational Habit :

लेखक ने ये समझाने की कोशिश की है की organization में हैबिट या routine का क्या महत्व है? एक आर्गेनाइजेशन को हम युद्ध का मैदान मान सकते हैं जिसमे बहुत से डिपार्टमेंट होते हैं जिसमे कई बड़े बड़े हेड होते हैं जिनके अंडर बाकी के कर्मचारी काम करते हैं |

जहाँ हर कोई अपने औदे और पॉवर के साथ काम कर रहा है जहाँ कई बार काफी विवाद हो जाते हैं जिसकी कई वजह हो जाते हैं |

कभी कभी ऐसे कंपनी में काम को लेकर और समय को लेकर काफी दिक्कते होती रहती हैं हर कोई एक दुसरे पर आरोप लगता रहता है और ऑफिस के कामो को एक दुसरे के डिपार्टमेंट पर थोपता है |

कर्मचारी एक दुसरे को कहते हैं की ये काम दुसरे का है ये काम हमारा नहीं है जिसके लिए एक गुड routine बनानी चाहिए जिसमे सभी का काम अच्छे से चले |

तभी जाकर सभी कर्मचारी उन सभी हैबिट को अच्छे से फॉलो करेगा जिससे आपके आर्गेनाईजेशन में काम अच्छा चलेगा |

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Consumer Habit :

कोई भी कंपनी अपने प्रोडक्ट को बेचने के लिए consumer behavior का इस्तेमाल करती है जिसमे ये पाया गया है की ग्राहकों में सामान खरीदने की आदत होती है जिस तरह से हम सब्जी के साथ धनिया और मिर्ची फ्री में मांगते हैं और हर सामान पर डिस्काउंट मांगते हैं और हर सामान की कीमत पूछते हैं |

इस तरह की कई आदते हमारे अंदर होती है जिनका उदहारण हमे देखने को मिलता है आपने देखा होगा की कोई कंपनी बार-बार अपने प्रोडक्ट का प्रचार क्यों करती है? ताकि आपको उस प्रोडक्ट की याद आपके दिमाग में डालते रहे जिससे आप उस प्रोडक्ट को खरीद ले |

अगर आपको अपने बिज़नस में सफल होना है तो आपको कस्टमर की साइकोलॉजी को समझना होगा तभी आप एक सफल बिजनेसमैन बन जाओगे |

Personal Habits :

दोस्तों बहुत सारे लोगो में पर्सनल हैबिट होती है जिसकी वजह से समाज में वे काफी सफल होते हैं और इस तरह के कई हैबिट होती हैं जैसे: दोस्ती करना, खुश रहना, दूसरो की मदद करना, जल्दी उठना, व्यायाम करना जैसे कई अच्छी आदते होती हैं |

कुछ लोगो में नेचुरल हैबिट होती हैं जैसे कुछ लोग स्वभाव से extrovert होते हैं वे काफी open minded होते हैं और दूसरो से जल्दी घुल-मिल जाते हैं और जल्दी से दोस्त भी बन जाते हैं |

कुछ लोग स्वभाव से introvert होते हैं वे काफी शर्मीले होते हैं और जल्दी से दोस्त नहीं बनाते हैं इसका मतलब ये नहीं है की introvert होना बहुत बुरा है क्योकि बहुत से जीनियस introvert भी होते हैं लेकिन कई बार आपको नेटवर्क बनाने की जरूरत होती हैं जिसके लिए आपको लोगो से बात करनी पढ़ती हैं |

Quit Bad Habits :

दोस्तों वैसे तो लेखक ने काफी ज्यादा नए तरीके बता दिए हैं जिनकी मदद से आप बुरी आदतों से छुटकारा पा सकते हैं |

हर किसी को बुरी आदतों से छुटकारा पाना होता है कुछ तो इससे निजात पा लेते हैं लेकिन कुछ लोग पूरी लाइफ स्ट्रगल करते रहते हैं |

अगर आपको bad habits हो छोड़ना है तो आप इसे एक pain की तरह लीजिये, मतलब अगर आपको शराब पीने की आदत है तो आप ये सोचे की इसे पीने से लीवर खराब होता है, इससे कैंसर जैसी बिमारी होती है हमे हॉस्पिटल जाना पढ़ सकता है |

ऐसे करने से मै और मेरी फॅमिली परेशानी में रहेगी कोई भी मेरी मदद नही करेगा |

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Conclusion :

दोस्तों the power of habit book की summary में के माध्यम से मैंने आपको ये बताने की कोशिश की है की आखिर लेखक क्या बताना चाहता है | अगर आप भी अपनी कोई bad habit छोड़ना चाहते हो तो आपको इस किताब को जरुर पढनी चाहिए और अपने जानने वालो को भी ये किताब जरुर पढने को बोलनी चाहिए |

Vikram mehra

मेरा नाम विक्रम मेहरा है मै उत्तराखंड का रहने वाला हु मैंने B.sc (PCM) से की हुई है और मुझे टेक्नोलॉजी, साइंस और लोगो को अपने ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा देना बहुत पसंद है मेरा मकसद ऑनलाइन माध्यम से लोगो तक इनफार्मेशन पहुचाना है और साथ ही मुझे मूवीज देखना, घूमना बहुत पसंद है |

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