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What is globalization in hindi – ग्लोबलाइजेशन क्या है?

दोस्तों आज के टॉपिक globalization in hindi में हम वैश्वीकरण के बारे में बात करेंगे आप चाहे तो इसे भू मंडलीय करण भी कह सकते हैं या फिर जगतीकरण भी कह सकते हैं इसमें हम ग्लोबलाइजेशन के सभी पहलुओ पर बात करेंगे|

10 Lines On Globalization in hindi : वैश्वीकरण क्या है?

  1. सबसे पहले हम वैश्विकरण का अर्थ जानेंगे | वैश्वीकरण का अर्थ होता है: विश्व + एकीकरण, अर्थात आपसी सहयोग |
  2. वस्तुओ, सेवाओं, विचारों एवं व्यक्तियों का देशो के बीच आवागमन | एक छत के नीचे आकर एक दुसरे की मदद करना|
  3. भूमंडलीकरण का अर्थ होता है: भू + मंडलीकरण अर्थात समाहित करना |
  4. देश की अर्थव्यवस्था को विश्व की अर्थव्यवस्था के साथ जोड़ना ही भूमंडलीकरण या वैश्वीकरण कहलाता है |
  5. वैश्वीकरण के इतिहास की बात करें तो ये कोई आज की प्रक्रिया नहीं है ये तो कई सालो से चली आ रही है लेकिन आधुनिक वैश्वीकरण की बात करे तो ये 1991 से शुरू हुई है |
  6. ये प्रक्रिया तो हड्डपा सभ्यता के समय से चल रही है कहते हैं की हडप्पा सभ्यता के समय व्यापार ओमान और मेसोपोटामिया से हुआ करता था |
  7. पहले राजा महाराजा के काल में भी वैश्वीकरण की प्रक्रिया थी लेकिन उस समय में वैश्वीकरण विस्तार से नहीं होती थी और ना ही ज्यादा दूर तक होती थी मगर उस समय भी एक मुल्क से दुसरे मुल्क के साथ राजस्व रहता था |
  8. आधुनिक इतिहास में सारी चीजे बदल गयी हैं लोगो के तरके बदल गये है तकनीक तेजी से बढ़ रही हैं |
  9. लेकिन अब के समय में दायरों में बदलाव हो गये हैं क्योकि पहले के समय की तुलना में अब चीजे आसान हो गयी हैं बहुत सारी सुविधाए हो गयी है सारे काम अब चुटकियो में हो जाते हैं ज्यादा समय नहीं लगता है हमें कोई भी व्यापार करना हो तो हम हवाई जहाजो और पानी के जहाजो से कर लेते हैं |
  10. लेकिन अब आधुनिक परिभाषा की बाते करे तो क्षेत्रीय एवं स्थानीय वस्तुओ व सेवाओ का अंतराष्ट्रीय स्तर पर प्रवाह वैश्वीकरण कहलाता है | निम्नलिखित कारणों से वैश्वीकरण का आदान प्रदान होता है :
  • पूंजी
  • वस्तुओ
  • विचारों
  • श्रम
  • बुद्धि
  • सेवाओ
  • प्रोद्दोगिकी
  • भाषा एवं संस्कृति

वैश्वीकरण के कारण :

  1. विज्ञान एवं तकनीकी का विकास
  2. देशो के बीच आपसी निर्भरता
  3. घटनाओं का विश्वव्यापी प्रभाव
  4. बड़े पैमाने पर उत्पादन एवं नये बाजारों की तलाश
  5. उत्पादन, औधोगिक सरंचना एवं प्रबंधन का लचीलापन
  6. अंतराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाए
globalization in hindi
Image by stokpic from Pixabay

वैश्वीकरण (Globalization) के विभिन्न आयाम :

वैश्वीकरण के मुख्यतः तीन आयाम हैं जो निम्न प्रकार से हैं :

  1. राजनीतिक आयाम
  2. आर्थिक आयाम
  3. सांस्कृतिक आयाम

राजनीतिक आयाम :

  1. राज्य सत्ता / शक्ति में कमी
  2. नागरिकता में बदलाव
  3. लोकतंत्र, मानवाधिकार, सुशासन के विषय में राज्य को लाभ
  4. राज्य का दायरा क़ानून व्यवस्था और नागरिको की सुरक्षा तक सीमित
  5. WTO, IMF, WB विकसित देश, विकाशील देशो की नीतियों में दखल देते हैं

आर्थिक आयाम :

  1. इससे सबकी अर्थव्यवस्था जुड़ रही है और आपसी सहयोग में वृध्दि हो रही है जैसे जापान भारत की मदद कर रहा है बुलेट ट्रेन में
  2. स्वतन्त्र आदान प्रदान में
  3. अंतराष्ट्रीय स्तर पर बाजार का निर्माण जैसे Amazon और Alibaba इत्यादि
  4. व्यापार संतुलन में वृध्दि
  5. वस्तुओ की बहुलता और कीमतों में कमी
  6. विदेशी निवेश में वृद्धि

सांस्कृतिक आयाम :

  1. संस्कृति पर प्रभाव चाहे खान पान हो या रहन सहन
  2. रूढ़िवादिता का अंत
  3. जीवन शैली में बदलाव
  4. त्योहारों का प्रचार और प्रसार

वैश्वीकरण (globalisation) का प्रभाव :

वैश्वीकरण के साधारण तौर पर सिर्फ दो प्रभाव हो सकते हैं :

  1. सकारात्मक प्रभाव
  2. नकारात्मक प्रभाव

सकारात्मक प्रभाव :

  1. सूचना प्राप्त करना आसान
  2. ढांचागत विकास
  3. विदेशी मुद्रा का प्रवाह
  4. सेवा क्षेत्र में उन्नति
  5. कीमत में कमी
  6. गुणवता में सुधार
  7. प्रतियोगिता मूलक बाजार
  8. रोजगार के अवसर में बढ़ोतरी

नकारत्मक प्रभाव :

  1. आर्थिक साम्राज्यवाद को बढ़ावा
  2. अमेरिकी सांस्कृतिक वर्चस्व को बढ़ावा
  3. श्रमिको का शोषण
  4. कृषि क्षेत्र को कम महत्त्व
  5. उपभोक्ता वाद और बाजारवाद की प्रवृतियों का जन्म
  6. लघु उद्योगों के लिए चुनोती
  7. भिन्न भिन्न प्रभाव और परिणाम
  8. सरकारी उधोगो के लिए चुनौती
  9. उत्पादों का अति विशिष्टीकरण
  10. अंतराष्ट्रीय नियमो का पालन राज्य की शक्ति में कमी
  11. सांस्कृतिक मूल्यों को पिछड़ा माना जाता है

अर्थशास्त्रियो के अनुसार वैश्वीकरण के चार अंग :

  1. व्यापार-अवरोधों को कम करना जिससे उत्पादों एवं वस्तुओ का विभिन्न देशो के बीच बिना आधार के आदान प्रदान हो सके
  2. ऐसी स्थिति का निर्माण करना, जिसमे विभिन्न देशो के बीच पूँजी/धन का स्वतंत्र प्रवाह हो सके
  3. ऐसा वातावरण कायम करना जिसमे विभिन्न देशो के बीच तकनिकी का मुक्त प्रवाह हो सके
  4. ऐसा वातावरण कायम करना जिसमे विभिन्न देशो के बीच श्रम का निर्वाध प्रवाह हो सके

कोरोना के इस महामारी काल में वैश्वीकरण (globalization) की अहम भूमिका :

ऐसे महामारी के समय में वैश्वीकरण का काफी योगदान है क्योकि ऐसे ही समय में एक देश दुसरे देश की मदद कर रहा है अगर किसी भी देश को मदद की जरुरत होती है तो उसे तुरंत मदद मिल जाती है |

अब अगर हम अपने देश भारत की बात करे तो हमारे देश ने इस समय पूरे दुनिया में सभी देशो की मदद की है वैक्सीन देकर और यही चीजे ग्लोबलाइजेशन की वजह से संभव हुई है और भी कई कारक हैं जो इस प्रयास में उत्तरदायी हैं |

अगर कोई पडोसी देश या सहयोगी मित्र देश किसी संकट में रहता है तो हर कोई एक दुसरे की मदद करता है इसमें ग्लोबलाइजेशन के सारे पहलु होते हैं इसमें सभी मिल जुल कर काम करते है और ग्लोबलाइजेशन के सकारात्मक प्रभाव को बढ़ावा देते हैं |

और वैसे भी महामारी के इस दौर में सभी देशो ने एक दुसरे की मदद की है चाहे मेडिकल की बात करे, चाहे ट्रांसपोर्ट की बात करें, चाहे आर्थिक मदद हो या किसी भी तरह की मदद अगर इस आधुनिक दौर में वैश्वीकरण का तरीका न बदला होता तो बहुत सारी समस्याओं से जूझना पड़ता |

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Final word :

दोस्तों globalization in hindi के इस टॉपिक में हमने बखूबी सारी बाते क्लियर कर दी हैं और इसके अर्थ से लेकर इसके इतिहास तक आयर चाहे इसके प्रभाव हमने सारी बाते समझ ली है और आपको भी वैश्वीकरण के बारे में कोई दिक्कत नहीं होगी |

अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी तो आप इए दूसरो को भी शेयर कर सकते है और जाने के लिए कोमेंट कर सकते हैं |

Vikram mehra

मेरा नाम विक्रम मेहरा है मै उत्तराखंड का रहने वाला हु मैंने B.sc (PCM) से की हुई है और मुझे टेक्नोलॉजी, साइंस और लोगो को अपने ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा देना बहुत पसंद है मेरा मकसद ऑनलाइन माध्यम से लोगो तक इनफार्मेशन पहुचाना है और साथ ही मुझे मूवीज देखना, घूमना बहुत पसंद है |

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