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Women empowerment essay in hindi | महिला सशक्तिकरण पर निबन्ध.

दोस्तों आज के इस टॉपिक में महिला सशक्तिकरण के बारे में की कैसे आज के समय में महिलाओं को अपने हक़ के लिए एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए |

क्योकि आज के समय यह बहुत जरुरी हो गया है और बहुर से ग्रामीण इलाको में अभी भी महिलाए बिना शिक्षा के वंचित हैं जिसके कारण वे अपनी बात समाज के सामने नहीं रख पाती हैं |

10 Lines On Women empowerment essay in hindi :

  1. महिला सशक्तिकरण से तात्पर्य महिलाओं के लिए एक ऐसे वातावरण के निर्माण से है जहाँ वे अपनी निजी मामलो के साथ साथ समाज के लिए भी निर्णय ले सके | वर्तमान स्थिति के सम्बन्ध में यह सवाल उठता है की क्या महिलाए वास्तव में मजबूत हैं?
  2. सरकार द्वारा समाज में महिलाओ के अधिकारों के बारे में जागरूकता लाने के लिए कई कार्यक्रम जैसे अंतराष्ट्रीय महिला दिवस, मात्र दिवस आदि को लागू किया गया है |
  3. महिला सशक्तिकरण को समझने के लिए पहले सशक्तिकरण को समझना बहुत जरुरी है सशक्तिकरण से तात्पर्य किसी व्यक्ति की उस क्षमता से होता है जिससे उसमे यह योग्यता आ जाती है जिसमे वह अपने जीवन से जुड़े सभी फैसले को खुद ले सके |
  4. महिला सशक्तिकरण में भी उसी क्षमता की बात होती है जहाँ पर महिलाए परिवार और समाज के सभी बन्धनों से मुक्त होकर अपने फैसलों की निर्माता खुद होती है महिला सशक्तिकरण संसार भर में महिलाओ को सशक्त बनाने की एक मुहीम है जिससे महिलाये खुद अपने फैसले ले सके और हमारे इस समाज और अपने परिवार के बहुत से निजी दायरों को तोड़कर अपने जीवन में आगे बढ़ सके |
  5. महिला सशक्तिकरण को नहुत ही आसान शब्दों में परिभाषित किया जा सकता है इससे महिलाए शक्तिशाली बनती है जिससे वो अपने जीवन से जुड़े हर फैसले को ले सके और अपने परिवार और समाज में अच्छी से रह सकती है |
  6. समाज में महिलाओ के वास्तविक अधिकार को प्राप्त करने के लिए उन्हें सक्षम बनान ही महिला सशक्तिकरण कहलाता है |
  7. महिला सशक्तिकरणका उद्देश्य होता है की महिलाओ को शक्ति प्रदान करना जिससे वे हमारे समाज में पीछे न रह सके और पुरुषो के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर फैसले ले सके तथा गर्व से अपना सिर उठाकर चल सके| महिला सशक्तिकरण का मुख्य लक्ष्य महिलाओ को उनका अधिकार दिलाना है |
  8. महिला सशक्तिकरण का तात्पर्य ऐसी सामाजिक प्रक्रिया से है जिसमे महिलाओ के सर्वसम्पन्न तथा विकसित होने हेतु संभावनाओ के द्वार खुले, नए विकल्प तैयार हो, भोजन, पानी, घर, शिक्षा, स्वस्थ्य, सुविधाए, शिशु पालन, प्राकृतिक संसाधन, बैंकिंग सुविधाए, कानूनी हक़ तथा प्रतिभाओ के विकास हेतु पर्याप्त रचनात्मक अवसर प्राप्त हो |
  9. भारत में महिलाओ को सशक्त बनाने के लिए सबसे पहले समाज में उनके अधिकारो को मारने वाली सोच को मारना जरुरी है जैसे दहेज़ प्रथा, अशिक्षा, यौन हिंसा, असमानता, भ्रूण हत्या, महिलाओ के प्रति घरेलू हिंसा, वेश्यावृत्ति और मानव तस्करी |
  10. लैंगिक भेदभाव राष्ट्र में सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक अंतर ले आता है जो देश को पीछे की ओर धकेलता है भारत के सविधान में उल्लेखित समानता के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं को सशक्त बनना सबसे प्रभावशाली उपाय है |

महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता :

हम सभी को पता है की हमारा देश एक पुरुष प्रभुत्व वाला देश है जहाँ पर पुरुषो को महिलाओ की तुलना में अधिक सक्षम समझा जाता है जी उचित नही है आज भी बहुत से स्थानों पर महिलाओ को पुरुषो की तरह काम नही करने दिया जाता है और उन्हें परिवार की देखभाल और घरो से न निकलने ही हिदायत दी जाती है |

भारत एक पुरुषप्रधान समाज है जहाँ पर पुरुष का प्रत्येक क्षेत्र दखल होता है और महिलाये केवल घर-परिवार की जिम्मेदारी उठाती है भारत की 50 % आबादी महिलाओ की है मतलब सारे देश के विकास के लिए इस आबादी की बहुत ज्यादा जरूरत है जो आज तक सशक्त नही है और बहुत से सामाजिक प्रतिबंधो से बंधी हुई है |

भविष्य में इस आधी आबादी को मजबूत किये बिना हमारे देश के विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती है हमारे देश को विकसित करने के लिए यह आवश्यक है की सरकार, पुरुष और महिलाओ द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जाये |

भारतीय समाज में महिलाओ को सम्मान देने के लिए माँ, बहन, पुत्री, पत्नी के रूप में महिला देवियों को पूजने की परम्परा है लेकिन इसका यह अर्थ नही की सिर्फ महिलाओ के पूजने से देश के विकास की आवश्यकता को पोर किया जा सकता है |

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Image by Gordon Johnson from Pixabay

राष्ट्र निर्माण में भूमिका :

महिलाए हमारे देश की आबादी का लगभग आधा हिस्सा है इसी वजह से राष्ट्र के विकास के लिए इस महान काम में महिलाओ की भूमिका और योगदान को पूरी तरह और सही परिप्रेक्स्य में रखकर ही राष्ट्र निर्माण के कामो को समझा जा सकता है |

समूची सभ्यता में व्यापक बदलाव के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में महिला सशक्तिकरण आन्दोलन 20 वी शताब्दी के अंतिम दशक का एक बहुत ही महत्वपूर्ण राजनितिक और सामाजिक विकास कहा जा सकता है राष्ट्र निर्माण एक जटिल प्रक्रिया है जो सुव्यवस्थित रूप से तैयार की गयी विकास नीतियों के रूप में राजनितिक इच्छा को रेखांकित करती है |

भारत में महिला सशक्तिकरण के बुनियादी तथ्य :

भारत में महिला कल्याण से सम्बन्धित गतिविधियों को संस्थागत ढांचा उपलब्ध कराने तथा संवैधानिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए अनेक कदम उठाये गये है सवतंत्रता के बाद से ही महिलाओ का विकास भारतीय आयोजन प्रणाली का एक केन्द्रीय  विषय रहा है |

पिछले 20 सालो में बहुत नीतिगत बदलाव आये है सन 1970 में जहाँ पर कल्याण की अवधारणाओ महत्वपूर्ण थी वाही 80 के दशक में विकास पर जोर दिया गया था 1990 के दशक से ही महिला अधिकारिता पर जोर दिया जा रहा है |

महिला सशक्तिकरण के प्रयास :

भारत सरकार ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सहयोग से देश में महिलाओ को राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक विकास में बराबर भागीदारी के अवसर प्रदान करने के प्रमुख उद्देश्य से लेकर राष्ट्रीय महिला उत्थान निति 2001 में घोषित की गयी थी |

सभी निर्णायक निकायों में निर्णय प्रक्रिया में नारी सहभागिता को सुनिश्चित किया गया है वर्तमान क़ानून में संशोधन द्वारा नारी आवश्यकताओ के प्रति संवेदनशील तथा घरेलू हिंसा या वैय्कित्क आक्रमण की रोकथाम के लिए नए कानून का निर्माण एवं अपराधियों के लिए उचित दंड की व्यवस्था की गयी है |

Reality of women empowerment in hindi :

भारत में लैंगिक असमानता उच्च स्तर पर है जहाँ महिलाओ को उनके परिवार के सदस्यों और बाहरी लोगो द्वारा बुरा बर्ताव किया जाता है भारत में साक्षर जनसंख्या का प्रतिशत लगभग 74% है जिसमे 65 % महिलाए हैं |

महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ उन्हें अच्छी तरह से शिक्षित करना और उन्हें स्वतंत्र बनाना है ताकि वे किसी भी क्षेत्र में अपने निर्णय लेने में सक्षम हो सके |

आधुनिक भारत में महिलाओ ने राष्ट्रपति, प्रधानमन्त्री, लोकसभा अध्यक्ष, विपक्ष के नेता, केन्द्रीय मंत्रियो, मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों सहित उच्च पद धारण किये है |

भारत में महिलाए अब शिक्षा, खेल, राजनीति, मीडिया, कला और संस्कृति, सेवा क्षेत्र, विज्ञानं और प्रोद्योगिकी आदि में पूरी तरह से भाग ले रहा है ब्रिटिश राज के दौरान कई समाज सुधारको जैसे राम मोहन राय, ईश्वर चन्द्र विद्यासागर और ज्योतिराव फुले जैसे लोगो ने महिलाओ को बेहतरी के लिए संघर्ष किया |

मेरी राय :

मैंने आपको women empowerment के बारे में वो सारी बाते बता दी है जो हमारे लाइफ में लागू होती है और जिन्हें हमे अमल करना चाहिए | अगर आपको महिला सशक्तिकरण के बारे में पढ़कर अच्छा लगा तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते है |

Vikram mehra

मेरा नाम विक्रम मेहरा है मै उत्तराखंड का रहने वाला हु मैंने B.sc (PCM) से की हुई है और मुझे टेक्नोलॉजी, साइंस और लोगो को अपने ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा देना बहुत पसंद है मेरा मकसद ऑनलाइन माध्यम से लोगो तक इनफार्मेशन पहुचाना है और साथ ही मुझे मूवीज देखना, घूमना बहुत पसंद है |

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